CJP का X अकाउंट ब्लॉक किए जाने के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका

CJP

नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर तेजी से उभरे व्यंग्यात्मक ऑनलाइन मंच ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने संगठन का X अकाउंट ब्लॉक किए जाने के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।  अभिजीत दीपके अमरीका में बोस्टन में रहते हैं।

न्यूज वेबसाइट बार एंड बेंच के मुताबिक श्री दीपके ने अधिवक्ता नकुल गांधी के जरिए दाखिल याचिका में केंद्र सरकार के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर अकाउंट पर रोक लगाई गई थी। उल्लेखनीय है कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69(A) के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने X को कार्रवाई का निर्देश दिया था।

CJP इसी महीने बेरोजगारी, संस्थागत जवाबदेही और मीडिया स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर व्यंग्यात्मक अभियान के रूप में उभरा था और देखते ही देखते सोशल मीडिया पर सकने लाखों समर्थक जुटा लिए। फॉलोअर्स की संख्या के मामले में सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म्स पर CJP ने भाजपा, कांग्रेस जैसी पार्टियों को भी पछाड़ दिया था ।

उल्लेखनीय है कि इसी महीने की 15 तारीख को देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने एक ऐसी टिप्पणी कर दी थी जिसकी अत्यंत विपरीत प्रतिक्रिया हुई और कॉकरोच आंदोलन की शुरुआत भी इसी टिप्पणी का नतीजा थी। जस्टिस सूर्यकांत ने एक सुनवाई के दौरान टिप्पणी की थी।

CJI ने कहा था, ‘समाज के पैरासाइट पहले से ही सिस्टम पर हमला कर रहे हैं और आप उनके साथ हाथ मिलाना चाहते हैं? ऐसे युवा हैं जो कॉकरोच की तरह हैं, जिन्हें नौकरी नहीं मिलती और पेशे में कोई जगह नहीं है। उनमें से कुछ मीडिया बन जाते हैं, कुछ सोशल मीडिया, कुछ RTI एक्टिविस्ट, कुछ अन्य एक्टिविस्ट बन जाते हैं और हर किसी पर हमला शुरू कर देते हैं… और आप लोग कोर्ट में कंटेम्प्ट याचिकाएं दायर करते हैं!’

हालांकि सीजेआई ने बाद में स्पष्टीकरण दिया था कि उनकी टिप्पणी फर्जी डिग्री लेकर वकालत के पेशे में घुसने वालों के लिए थी ना कि आम बेरोजगार युवाओं के लिए लेकिन तब तक उनकी टिप्पणी इतना वायरल हो चुकी थी कि देश भर से विपरीत प्रतिक्रिया आने लगीं,कॉकरोच आंदोलन पैदा हो गया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया तक ने इसे कवर किया था।

कॉकरोच जनता पार्टी पर क्या बोले सीजेआई?

इससे पहले सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने CJP के खिलाफ दायर की गई याचिका के याचिकाकर्ता को कहा है कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के मुद्दे को इतना भावनात्मक रूप से न लें।’ एक वकील ने इस संबंध मेंं दायर जनहित याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने की गुजारिश की थी।

लाइव लॉ के मुताबिक़ अधिवक्ता एनके गोस्वामी ने दलील दी कि भारत के मुख्य न्यायाधीश के कॉकरोच वाले बयान पर दिए गए स्पष्टीकरण के बावजूद ‘एक विकृत और दुर्भावनापूर्ण नैरेटिव’ लगातार जारी है।

मुख्य न्यायधीश ने कहा कि फ़िलहाल इस केस को सुनने की तात्कालिक कोई ज़रूरत नहीं है और समय आने पर इसकी सुनवाई की जाएगी। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद अस्तित्व में आई।

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