लेंस डेस्क। यमन में रविवार को एक हवाई हमले में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई। हूती स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इनमें बच्चे भी शामिल हैं। हमले में 40 लोग घायल हुए हैं। हमला ताइज प्रांत के एक बाजार पर हुआ। दुकानों को निशाना बनाया गया। यमन सरकार का कहना है कि उसकी सेना ने हूती सैन्य कैंप और वाहनों को निशाना बनाया। सरकारी सूत्रों के मुताबिक हूती विद्रोहियों ने हाल ही में बाजार के पास एक सैन्य कैंप बना लिया था।
संघर्ष फिर तेज
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार पिछले दो महीने में यमन में हुए संघर्ष में नागरिकों समेत 700 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। सितंबर की शुरुआत से अब तक 82 हजार से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं।
यमन में 2014 से गृहयुद्ध चल रहा है। एक तरफ हूती लड़ाके हैं और दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार की सेनाएं, जिन्हें सऊदी अरब का समर्थन हासिल है। 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से दोनों पक्षों के बीच सीजफायर हुआ था, लेकिन पिछले कुछ महीनों में यह समझौता टूट गया। इसके बाद मिसाइल, ड्रोन और हवाई हमले फिर शुरू हो गए।
सऊदी अरब पर भी हमले
यमन सरकार की सेना ने शनिवार को दावा किया कि हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद पर दो ड्रोन दागे थे। सऊदी एयर डिफेंस सिस्टम ने दोनों ड्रोनों को रोक लिया। इसके अलावा हूतियों ने सऊदी के दक्षिणी इलाके खमिस मुशैत पर बैलिस्टिक मिसाइल भी दागी थी।
जुलाई से हूतियों ने रियाद, अबहा, जिजान, नजरान, ताइफ, जेद्दा और यानबू जैसे शहरों पर ड्रोन व मिसाइल हमले किए हैं। उन्होंने एयरपोर्ट, सैन्य ठिकानों और ऊर्जा सुविधाओं को भी निशाना बनाया है।
लाल सागर पर असर का खतरा
हूतियों ने हाल के दिनों में लाल सागर तट के पास बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के आसपास के इलाकों पर तेजी से कब्जा किया है। यह स्ट्रेट अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां लड़ाई बढ़ने से जहाजों की आवाजाही और व्यापार प्रभावित हो सकता है।
हूतियों ने चेतावनी दी है कि वे सऊदी अरब से जुड़े जहाजों को निशाना बनाएंगे। जवाब में सऊदी अरब हूती ठिकानों पर हवाई हमले कर रहा है, जिससे दोनों पक्षों के बीच तनाव और बढ़ गया है।











