Parliament Special Session : लोकसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए लाए गए तीन संशोधन बिलों पर आज जोरदार चर्चा शुरू हो गई। सरकार ने इन बिलों को पेश करते हुए सदन में चर्चा के लिए 15 से 18 घंटे का समय तय किया है। चर्चा आज और कल (16-17 अप्रैल) चलेगी, जबकि कल शाम 4 बजे इन बिलों पर वोटिंग होगी। बिल पेश होने के बाद सदन में पहले चर्चा कराने या नहीं, इस पर वोटिंग हुई जिसमें पक्ष में 251 और विपक्ष में 185 वोट पड़े।
ये 3 बिल है –
संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026: यह महिलाओं के लिए 33% आरक्षण सुनिश्चित करने हेतु सीटों के पुनर्निर्धारण (Delimitation) के लिए संवैधानिक आधार बनाता है। परिसीमन विधेयक, 2026 (Delimitation Bill, 2026): इसका उद्देश्य लोकसभा की सदस्य संख्या 543 से बढ़ाकर लगभग 850 करना है।
केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026: यह केंद्र शासित प्रदेशों के कानूनों में आवश्यक संशोधन से संबंधित है।
नए परिसीमन के बाद राज्यों में 815 और केंद्र शासित प्रदेशों में 35 सीटें प्रस्तावित हैं।विपक्ष ने परिसीमन बिल का जमकर विरोध किया। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि सरकार संविधान को हाईजैक करना चाहती है। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को भी आरक्षण मिलना चाहिए। इस पर गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब देते हुए कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण असंवैधानिक है। उन्होंने अखिलेश यादव से कहा, ‘समाजवादी पार्टी अगर चाहे तो अपनी सारी टिकटें मुस्लिम महिलाओं को दे दे, हमें कोई आपत्ति नहीं है।’
ये तीन बिल नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पूरी तरह लागू करने और परिसीमन प्रक्रिया शुरू करने से जुड़े हैं। सरकार का कहना है कि इससे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ेगी, जबकि विपक्ष परिसीमन को लेकर चिंता जता रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आज सदन में इस मुद्दे पर बोल सकते हैं। चर्चा का जवाब अमित शाह देंगे।










