लेंस नेशनल डेस्क। संसद के मानसून सत्र का सातवां दिन आज मंगलवार 29 जुलाई को बेहद अहम है, क्योंकि लोकसभा में एक बार फिर ऑपरेशन सिंदूर पर बहस हो रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह विपक्ष के सवालों का जवाब दिये जबकि विपक्ष की ओर से प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव ने सवाल उठाए। parliament monsoon session 2025
लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शाम को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत को दुनिया के 193 में से 190 देशों, जैसे क्वाड, ब्रिक्स, फ्रांस, रूस और जर्मनी का समर्थन मिला, केवल तीन देश पाकिस्तान के साथ थे। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की सेना के पराक्रम को विपक्ष का साथ नहीं मिला, और 22 अप्रैल के पहलगाम हमले के बाद वे जल्दी ही सरकार पर उछल पड़े।
गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि 22 अप्रैल को बैसरन घाटी में 26 पर्यटकों की हत्या करने वाले तीन आतंकियों सुलेमान, फैजल अफगान और जिब्रान को ऑपरेशन महादेव के तहत 28 जुलाई को मार गिराया गया। शाह ने कहा कि सुलेमान लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर था, जबकि अफगान और जिब्रान भी ए-श्रेणी के आतंकी थे। उनके खिलाफ पुख्ता सबूत हैं। साथ ही, आतंकियों की मदद करने वाले दो लोगों बशीर और परवेज को भी पकड़ लिया गया है।
लोकसभा में राहुल गांधी ने सरकार को घेरा और पाकिस्तान के जनरल मुनीर का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ डिनर पर भारत की विदेश नीति पर सवाल खड़े किए। इसके अलावा ऑपरेशन सिंदूर पर सरकार पर कमजोर इच्छाशक्ति का आरोप लगाया।
लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार से सवाल किया कि पाकिस्तान के पीछे कौन सा देश खड़ा है और चीन से उतना ही खतरा क्यों नहीं देखा जा रहा, जितना आतंकवाद से है। उन्होंने पूछा कि जिन विमानों की नींबू-मिर्च लगाकर पूजा की गई, वे कितनी बार उड़े?
प्रियंका गांधी ने लोकसभा में पहलगाम आतंकी हमले के जिम्मेदार टीआरएफ को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ‘टीआरएफ ने कई आतंकी हमले किए, लेकिन 2023 में उसे आतंकी संगठन घोषित किया गया। एक संगठन इतना बड़ा हमला करता है और सरकार को पता नहीं चला?
राहुल गांधी ने लोकसभा में सरकार की विदेश नीति और ऑपरेशन सिंदूर पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सेना के प्रमुख जनरल मुनीर, जो पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड था, वो ट्रम्प के साथ डिनर कर रहा था जिसे लेकर राहुल ने सरकार की कूटनीतिक नाकामी बताई । राहुल ने आरोप लगाया कि सरकार ने 35 मिनट में ही पाकिस्तान के सामने सरेंडर कर दिया, यह कहकर कि भारत उनके सैन्य ठिकानों पर हमला नहीं करेगा, जिससे वायुसेना के पायलट्स के हाथ बंध गए। उन्होंने पूछा कि अगर ट्रम्प झूठ बोल रहे हैं कि उन्होंने सीजफायर करवाया, तो प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तरह हिम्मत दिखाकर इसका खंडन क्यों नहीं करते? राहुल ने कहा कि 1971 में इंदिरा ने जनरल मानेकशॉ को पूरी आजादी दी थी जिससे बांग्लादेश बना लेकिन आज सरकार की कमजोर इच्छाशक्ति और छवि बचाने की कोशिश ने सेना को कमजोर किया। उन्होंने दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर में कोई फाइटर जेट नहीं गिरा फिर भी सरकार जवाब देने से बच रही है, जबकि पहलगाम हमले के बाद कोई देश पाकिस्तान की निंदा तक नहीं कर रहा।
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चिंदबरम ने कहा – IMF की मदद पर भारत ने पाक के खिलाफ वोट क्यों नहीं किया, वोटिंग से खुद को अलग क्यों रखा?
लोकसभा में मोदी की बात खत्म होने के बाद राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बहस लगातार जारी रही। राज्यसभा में पी. चिदंबरम ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को जो बड़ी उपलब्धि बता रहे हैं और 1971 की जंग में भारत की खामियों को बता रहे हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि 1971 में हमने पाकिस्तान को सरेंडर कराया था और अभी भारत ने सीजफायर किया है। सरेंडर और सीजफायर में फर्क होता है। चिंदबरम ने IMF के पाकिस्तान को 1 बिलियन डॉलर को लेकर भी कहा। चिंदबरम ने कहा कि भारत IMF की 18 सदस्यीय कमेटी का सदस्य है लेकिन फिर भी मदद का विरोध नहीं किया, क्यों? हमने ये क्यों नहीं कहा कि ऑपरेशन सिंदूर चल रहा है और पाकिस्तान को आर्थिक मदद क्यों दी जा रही है? भारत ने खुद को वाेटिंग से अलग क्यों रखा? भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ वोट क्यों नहीं किया? आईएमएफ के अलावा एशियन डेवलेपमेंट बैंक, वर्ल्ड बैंक ने भी लोन दिया। तीनों हमारे खिलाफ हैं। इतना ही नहीं अमेरिका और चीन दोनों एक दूसरे के विरोधी हैं। लेकिन उन्होंने इन सारे लोन के लिए पाकिस्तान का समर्थन किया। लेकिन, भारत ने इसके खिलाफ वोट नहीं किया।
कांग्रेस ने करगिल विजय दिवस को नहीं अपनाया : पीएम मोदी
लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आतंकियों को रोते देखकर यहां भी कुछ लोग रो रहे हैं। पीएम मोदी ने आगे कहा की सेवा के प्रति विरोध कांग्रेस का पुराना रवैया है। इसके अलावा पीएम मोदी ने कांग्रेस पर तंज कस्ते हुए कहा कि कारगिल विजय दिवस को जब भारत मान रहा था कांग्रेस आज तक उसे खुलकर अपना नहीं पाई है। पीएम ने यह भी कहा कि कांग्रेस पाकिस्तान के प्रपंच की प्रवक्ता बन गई है।
ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी : पीएम मोदी
लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस के लोगों ने कहा कि ‘सर्जिकल स्ट्राइक कितनी बड़ी बात है, एक ने कहा तीन सर्जिकल स्ट्राइक की थी दूसरे ने कहा 6 सर्जिकल स्ट्राइक की थी तीसरे ने कहा 15 सर्जिकल स्ट्राइक की थी जितना बड़ा नेता उतना बड़ा आंकड़ा कह रहा था। पीएम मोदी ने लोकसभा में यह भी कहा कि मैं फिर दोहराता हूं कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है। कांग्रेस ने उसी तरीके से स्ट्राइक के सबूत मांगे थे इस तरह जैसे पाकिस्तान ने मांगे थे।’
हम गोली का जवाब गोला से देंगे : नरेंद्र मोदी
नरेंद्र मोदी ने कहा ‘दुनिया के किसी नेता ने भारत से नहीं कहा जंग रोकने के लिए भारत में जैसा तय किया था वैसे ही कार्रवाई की’ , अगर पाकिस्तान हमला किया तो भारत बड़े हमले कर जवाब देगा, हम गोली का जवाब गोला से देंगे। ऑपरेशन सिंदूर के अगले दिन हमने पाकिस्तान को तहस-नहस कर दिया था और अब पाकिस्तान जान गया है कि भारत का हर जवाब पहले से तगड़ा होता है. 9 मई को अमेरिका उपराष्ट्रपति ने फोन किया था कि पाकिस्तान बड़ा हमले हमले करने वाला है तब मैंने जवाब दिया था कि पाकिस्तान को यह भारी पड़ेगा। देश देख रहा है कि भारत आत्मनिर्भर बनते जा रहा है लेकिन देश यह भी देख रहा है की एक तरफ तो भारत आत्मनिर्भरता की ओर तेज गति से बढ़ रहा है लेकिन कांग्रेस मुद्दों के लिए पाकिस्तान पर निर्भर होते जा रही है।
पीएम मोदी का कांग्रेस पर तंज
लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पूरे देश ने उसका छिछोरा रवैया देखा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उन पर और उनकी सरकार पर सवाल उठाए यहां तक कि निर्दोष लोगों की हत्या में भी उन्हें राजनीति नजर आई। पीएम ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस भले ही सुर्खियां बटोर ले लेकिन लोगों का दिल नहीं जीत सकती। उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस का निशाना सिर्फ वे और उनकी सरकार थी लेकिन देश की जनता सब समझती है।
इस बार हमने उनके नाभि पर प्रहार किया : पीएम मोदी
लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब सर्जिकल स्ट्राइक हुआ तब हमने यह तय किया था कि हम उनके इलाकों में जाकर उनके लॉन्चिंग पैड को ध्वस्त करेंगे। जब बालाकोट एयर स्ट्राइक हुआ तब हमारा लक्ष्य तैयार था कि हम आतंकियों के ट्रेनिंग सेंटर को तबाह करेंगे और हमने वह भी कर दिखाया। ऑपरेशन सिंदूर के समय हमारा लक्ष्य सटीक था और हमारा लक्ष्य था की आतंक के एपीसेंटर को और पहलगाम के आतंकियों को जहां उनकी योजना बनी जहां उन्हें ट्रेनिंग मिली उस पर प्रहार करना। इन आतंकी ठिकानों में वहां उनकी फंडिंग होती थी ट्रेनिंग मिलता था रिक्रूटमेंट होता था उस जगह पर हमने सटीक तरीके से ऑपरेशन सिंदूर के तहत उनके नाभि पर प्रहार किया है।
पाकिस्तान के कई एयरबेस अब ICU में : पीएम मोदी
लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत को दुनिया के 193 में से 190 देशों जैसे क्वाड, ब्रिक्स, फ्रांस, रूस और जर्मनी का समर्थन मिला केवल तीन देश पाकिस्तान के साथ थे। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की सेना के पराक्रम को विपक्ष का साथ नहीं मिला और 22 अप्रैल के पहलगाम हमले के बाद वे जल्दी ही सरकार पर उछल पड़े। पीएम ने जोर देकर कहा कि अब आतंकी और उनके सरगनाओं की नींद उड़ गई है, क्योंकि भारत ने ‘न्यू नॉर्मल’ बनाया है ‘हमला हुआ तो भारत सिंदूर से सिंधु तक जवाब देगा।’ ऑपरेशन सिंदूर ने साफ कर दिया कि आतंकी हमले की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी और कोई परमाणु धमकी भारत को रोक नहीं सकती। आतंक को बढ़ावा देने वाली सरकार और आतंकियों को अब अलग नहीं माना जाएगा, भारत अपनी शर्तों पर जवाब देगा।
अब कोई परमाणु धमकी काम नहीं करेगी : पीएम मोदी
लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा करते हुए कहा की भारत की सेना की ताकत और एकता अखंड है । उन्होंने कहा कि नेवी, आर्मी और वायुसेना के संयुक्त प्रयासों ने पाकिस्तान को सबक सिखाया और आतंकी सरगनाओं की नींद उड़ा दी। अब आतंकी और उनके आका जानते हैं कि भारत हमले का जवाब देगा और मारकर जाएगा। पीएम ने कहा कि सिंदूर से सिंधु तक भारत ने आतंक के खिलाफ कड़ा प्रहार किया, जिससे दुनिया ने हमारी ताकत देखी। उन्होंने साफ किया कि अब कोई परमाणु धमकी काम नहीं करेगी और भारत आतंकी हमलों का जवाब अपनी शर्तों पर देगा। मोदी ने चेतावनी दी कि आतंक को बढ़ावा देने वाली सरकार और आतंकियों को अब अलग नहीं माना जाएगा और हर हमले की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
22 मिनट में लिया 22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले का बदला : पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में कहा ऑपरेशन सिंदूर भारत की सेना के शौर्य और 140 करोड़ नागरिकों की एकता की जीत है । उन्होंने कहा कि यह विजय उत्सव देश की इच्छाशक्ति का प्रतीक है और वे भारत का पक्ष रखने के लिए दृढ़ता से खड़े हैं। पीएम ने 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम हमले को क्रूरता की पराकाष्ठा करार देते हुए कहा कि आतंकियों ने धर्म पूछकर मासूमों को मारा ये सभी हरकतें भारत में दंगे भड़काने की साजिश थी। उन्होंने देशवासियों का आभार जताते हुए कहा की देशवासियों ने बहादुरी से इस साजिश को नाकाम किया। मोदी ने जोर देकर कहा कि उन्होंने आतंकियों को मिट्टी में मिलाने का संकल्प लिया था और ऑपरेशन सिंदूर के जरिए देश ने इसे पूरा किया। उन्होंने जनता के समर्थन को अपना कर्ज बताया और कहा कि वे हर भारतवासी की आवाज बनकर आतंक के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे।
राहुल गांधी का सरकार पर हमला
राहुल गांधी ने लोकसभा में सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पाकिस्तान सेना के प्रमुख जनरल मुनीर, जो आतंकी हमले का मास्टरमाइंड था, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ डिनर कर रहा था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह ‘न्यू नॉर्मल’ है, जहां आतंकवाद का सरगना खुलेआम सम्मान पाता है। राहुल ने आरोप लगाया कि सरकार ने पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान को खुली छूट दी और युद्ध की धमकी देकर अपनी कमजोरी दिखाई। तीन महीने पहले जब उन्होंने विदेश नीति की नाकामी की बात कही थी, तब लोग उन पर हंस रहे थे, लेकिन अब डीजीएमओ बातचीत से पता चला कि पाकिस्तान को चीन से लाइव डेटा मिल रहा था, जो भारत की सुरक्षा के लिए खतरनाक है।
ऑपरेशन सिंदूर में दिखी कमजोर इच्छाशक्ति : राहुल गांधी
राहुल ने ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारतीय वायुसेना ने कोई गलती नहीं की लेकिन सरकार ने सैन्य ठिकानों पर हमला करने से सेना को रोका। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने खुद माना कि ऑपरेशन शुरू होने से पहले पाकिस्तान को बता दिया गया कि भारत उनके सैन्य ठिकानों को निशाना नहीं बनाएगा। राहुल ने इसे कमजोर इच्छाशक्ति करार देते हुए कहा कि सरकार ने 35 मिनट में ही सरेंडर कर दिया। उन्होंने पूछा कि जब भारत ने यह साफ कर दिया कि वह युद्ध नहीं चाहता, तो पाकिस्तान ने हमारे विमानों पर हमला किया। राहुल ने कहा कि सरकार सिर्फ प्रधानमंत्री की छवि बचाने में लगी थी, जबकि पहलगाम हमले में मारे गए लोगों का खून उनके हाथों पर है।
सेना को चाहिए पूरी आजादी : राहुल गांधी
राहुल ने 1971 के युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने जनरल सैम मानेकशॉ को पूरी आजादी दी थी, जिसके चलते एक लाख पाकिस्तानी सैनिकों ने सरेंडर किया और बांग्लादेश बना। उन्होंने कहा कि सेना को टाइगर की तरह आजादी चाहिए उसे बांधा नहीं जा सकता। सरकार को मजबूत इच्छाशक्ति और सेना को पूर्ण स्वतंत्रता देनी होगी। राहुल ने सवाल उठाया कि अगर ट्रम्प झूठ बोल रहे हैं कि उन्होंने सीजफायर करवाया, तो प्रधानमंत्री क्यों नहीं खुलकर इसका खंडन करते?
जेपी नड्डा और खरगे के बीच बहस
मल्लिकार्जुन खरगे के बाद राज्यसभा में जेपी नड्डा ने ऑपरेशन सिन्दूर पर बात की। नड्डा ने कहा कि ‘विपक्ष के नेता ने लंबा वक्तव्य दिया लेकिन उनके कद के हिसाब से जिन शब्दों का इस्तेमाल किया गया वो उनके स्तर के नहीं थे जिस तरह से उन्होंने प्रधानमंत्री पर टिप्पणी की। मैं उनकी तकलीफ समझ सकता हूं कि प्रधानमंत्री ने उन्हें 11 साल से विपक्ष में बिठाए रखा है। प्रधानमंत्री दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता हैं। ये हमारे लिए भी और देश के लिए भी गौरव का विषय है। आप मानसिक संतुलन खोकर ऐसी टिप्पणियां करते हैं।’
नड्डा के इस बयान के बाद सदन में हंगामा हो गया और कांग्रेस सांसदों ने मानसिक संतुलन खराब होने के शब्द पर कड़ी आपत्ति जताई। इस पर नड्डा ने ये शब्द कार्यवाही से हटाने की अपील की। इससे कुछ देर सदन की कार्यवाही थोड़ी देर के लिए बाधित हुई। खरगे ने बयान को लेकर नड्डा से माफी की मांग की। इस पर नड्डा ने कहा कि ‘आपको अगर ठेस पहुंची तो मैं माफी मांगता हूं, लेकिन आप भी भावावेश में इतना बह गए कि प्रधानमंत्री की गरिमा का भी ध्यान नहीं रख पाए।
निशिकांत दुबे का कांग्रेस पर हमला
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के निर्माण में जिन्ना और लियाकत अली की भूमिका थी। जब लियाकत अली भारत का वफादार नागरिक बनना चाहता था तब नेहरू ने अपनी बहन विजयलक्ष्मी पंडित को मॉस्को में राजदूत नियुक्त किया। इससे नाराज होकर लियाकत ने देश के बंटवारे में हिस्सा लिया। दुबे ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का परिवारवाद ही उसे इस मुकाम तक ले गया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के 40 सांसद रूस के लिए जासूसी करते थे।
दुबे ने कहा कि 1972 से 2007 तक कांग्रेस ने सेना प्रमुख मानेक शॉ को पेंशन तक नहीं दी। उन्होंने 1962 के भारत-चीन युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि नेहरू ने अपने रिश्तेदार कौल को असम-नेपाल क्षेत्र का प्रमुख बनाया। उस युद्ध में अमेरिका और चीन हमारे खिलाफ थे और हार के बाद कौल भाग निकला। नेहरू ने वायुसेना को युद्ध में इस्तेमाल नहीं करने दिया। दुबे ने यह भी आरोप लगाया कि 1962, 1965 और 1971 के युद्धों में कितने विमान गिरे, यह कांग्रेस ने कभी नहीं बताया। उन्होंने कहा कि 1948 से पाकिस्तान को IMF से कर्ज मिलता रहा लेकिन कांग्रेस ने इसका कभी विरोध नहीं किया। हालांकि पहलगाम हमले के बाद भारत ने इस कर्ज का विरोध किया। दुबे ने जोर देकर कहा कि भाजपा के लिए हर नागरिक की जान कीमती है। उन्होंने चेतावनी दी कि हर आतंकी को खत्म किया जाएगा और पीओके को भारत में मिलाया जाएगा।
राजनाथ ने कहा ट्रंप से कोई बात नहीं हुई
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे की बात बीच में रोकी और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से कोई बातचीत नहीं हुई थी। हालांकि विपक्ष के नेता खरगे ने उन्हें बोलने की अनुमति नहीं दी, फिर भी उपसभापति हरिवंश ने रक्षा मंत्री को बोलने दिया क्योंकि खरगे ने अपने भाषण में उनका नाम लिया था।
खरगे के मोदी से सीजफायर पर चार कड़े सवाल
1- किन शर्तों पर भारत पाकिस्तान सीजफायर हुआ? पाकिस्तान के बैकफुट होने के बावजूद आपने यह सीजफायर क्यों स्वीकार किया।
2-क्या इस सीजफायर में अमेरिका का कोई दखल था? अगर हां तो किसके कहने पर और किन शर्तों पर ये हुआ।
3-क्या अमेरिकी राष्ट्रपति ने ये सीजफायर किया, अगर हां तो क्या ये भारत की नो थर्ड पार्टी मीडिएशन के खिलाफ नहीं है।
4-क्या यह ट्रेड थ्रेट की वजह से किया गया, प्रधानमंत्री को इसके बारे में जवाब देना चाहिए।
पहलगाम में खुफिया खामियों की जिम्मेदारी लें गृहमंत्री : खरगे
राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ऑपरेशन सिंदूर पर बोलते हुए सरकार से कई सवाल किये, उन्होंने कहा, “हम पाकिस्तान की निंदा करते हैं, लेकिन आप उनके साथ दावतों में शामिल होकर गले मिलते हैं। खुद गलतियां करते हैं और दूसरों को नसीहत देते हैं।” खरगे ने कांग्रेस के देश के विकास में योगदान की बात दोहराई और सरकार से पूछा “आपकी एक भी ऐसी उपलब्धि बता दें। आप पंडित नेहरू को कोसते हैं, लेकिन सच क्या है?” उन्होंने पहलगाम हमले पर सवाल उठाते हुए कहा “गृह मंत्री ने दावा किया था कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा को तीन गुना बढ़ा दिया गया है। फिर 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में आतंकी कहां से आए? हमले से तीन दिन पहले प्रधानमंत्री ने अपना कश्मीर दौरा रद्द किया। क्या सरकार को हमले की पहले से खबर थी?” खरगे ने बताया कि राहुल गांधी ने इस हमले पर विशेष सत्र बुलाने की मांग की लेकिन सरकार ने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने सरकार के रवैये पर तंज कसते हुए कहा, “1962 के भारत-चीन युद्ध में कुछ सांसदों की मांग पर विशेष सत्र बुलाया गया था। तब प्रधानमंत्री ने कहा था कि देश को सच जानना चाहिए। लेकिन अब सरकार को जवाब देने की फुर्सत नहीं, पर विदेश जाकर गले मिलने की फुर्सत है।” खरगे ने यह भी सवाल उठाया कि हमले के बाद प्रधानमंत्री बिहार में चुनाव प्रचार में व्यस्त थे। 24 अप्रैल को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई लेकिन पीएम उसमें शामिल नहीं हुए और सऊदी अरब से लौटकर सीधे चुनाव प्रचार में चले गए। उन्होंने पूछा, “क्या यही सरकार की गंभीरता है?”
देश सच जानना चाहता है, खोखले भाषण नहीं : प्रियंका गांधी
सरकार झूठ बोले तो सेना की ताकत भी कमजोर होती हैकांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “जब मेरे पिता शहीद हुए, तब मेरी मां की उम्र सिर्फ 44 साल थी और उनकी आंखों में आंसू थे। आज 26 लोगों की मौत पर भी उनकी आंखें नम हैं। यह सत्ता का ताज नहीं, कांटों का बोझ है।” उन्होंने कहा कि अगर सरकार सच छिपाए और कमजोर रवैया अपनाए, तो सेना की बहादुरी भी कमजोर पड़ जाती है।
प्रियंका ने कहा कि सरकार हर बात का ठीकरा दूसरों पर फोड़ती है। “2014 से आप सत्ता में हैं, फिर जिम्मेदारी क्यों नहीं लेते? रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह उरी और पठानकोट हमलों के समय गृह मंत्री थे। मौजूदा गृह मंत्री के सामने मणिपुर में हिंसा भड़क उठी। देश अब खोखले भाषण नहीं चाहता। लोग जानना चाहते हैं कि 22 अप्रैल को पहलगाम में 26 लोग क्यों मारे गए?”उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ करते हुए कहा, “हमें अपनी सेना पर गर्व है। उन्होंने बहादुरी से आतंकियों का सामना किया। लेकिन प्रधानमंत्री हर चीज का श्रेय लेते हैं, चाहे ओलिंपिक में मेडल हो या सेना की जीत। अगर श्रेय लेना है, तो पहलगाम हमले की जिम्मेदारी भी लें।”
मैं इतिहास नहीं वर्तमान की बात करूंगी : प्रियंका गांधी
लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर बोलते हुए प्रियंका ने सेना की बहादुरी को सलाम किया। उन्होंने कहा कि 1948 से अब तक सेना ने देश की एकता और अखंडता की रक्षा में बड़ा योगदान दिया है। लेकिन उन्होंने रक्षा मंत्री के भाषण पर सवाल उठाया कि वे इतिहास की बातें तो करते हैं, पर यह नहीं बताते कि 22 अप्रैल को 26 नागरिकों को उनके परिवारों के सामने क्यों मारा गया? उस दिन बैसरण घाटी में हजारों लोग थे। कोई चाय पी रहा था, कोई जिपलाइन का मजा ले रहा था, लेकिन अचानक जंगल से निकले आतंकियों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। शुभम की पत्नी ने बताया कि वह अपनी आंखों के सामने अपने पति को खो चुकीं। उस वक्त वहां एक भी सुरक्षाकर्मी नहीं दिखा। प्रियंका ने पूछा, “लोग सरकार के भरोसे गए, लेकिन सरकार ने उन्हें असुरक्षित छोड़ दिया। यह जिम्मेदारी किसकी थी? सरकार को क्या पता नहीं था कि वहां हजारों लोग घूमने जाते हैं?”
इतना बड़ा हमला हुआ क्या किसी ने इस्तीफ़ा दिया ? : प्रियंका गांधी
कांग्रेस महासचिव और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी ने पहलगाम आतंकी हमले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार बार-बार दावा करती रही कि कश्मीर में शांति है और आतंकवाद खत्म हो गया है। प्रधानमंत्री ने खुद लोगों से कहा कि कश्मीर घूमने जाएं, वहां सब कुछ ठीक है। इसी भरोसे कानपुर के शुभम द्विवेदी, जिनकी छह महीने पहले शादी हुई थी अपने परिवार के साथ पहलगाम गए। लेकिन 22 अप्रैल 2025 को बैसारण घाटी में आतंकियों ने अचानक हमला कर दिया। शुभम को उनकी पत्नी के सामने गोली मार दी गई। आतंकियों ने एक घंटे तक 26 लोगों को चुन-चुनकर मार डाला।प्रियंका ने सवाल उठाया कि आतंकी संगठन टीआरएफ, जिसे 2023 में आतंकी संगठन घोषित किया गया, इतना बड़ा हमला कैसे कर सका? उन्होंने कहा, “हमारी खुफिया एजेंसियां क्या कर रही थीं? गृह मंत्रालय की क्या जिम्मेदारी है? क्या गृह मंत्री ने इसकी जवाबदेही ली? 11 साल से सरकार आपकी है, क्या कोई जिम्मेदारी नहीं बनती?”
भारत जिम्मेदार देश, ऑपरेशन सिन्दूर आत्मरक्षा के लिए उठाया कदम : रक्षा मंत्री
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राज्यसभा में कहा कि भारत को एक जिम्मेदार और शक्तिशाली देश है। ऑपरेशन सिंदूर को शुरू करने से पहले सभी पक्षों पर विचार किया गया। उन्होंने बताया कि भारतीय सेनाओं ने बेहद सटीक और सुनियोजित हमले में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इस कार्रवाई में 100 से ज्यादा आतंकवादी, उनके साथी, प्रशिक्षक और योजनाकार मारे गए, जिनमें लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों के लोग शामिल थे। रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि यह कदम देश की सुरक्षा और आत्मरक्षा के लिए उठाया गया था।
एनकाउंटर कल ही क्यों : अखिलेश यादव
आखिरकार एनकाउंटर कल ही क्यों हुआ जिस दिन संसद में ऑपरेशन सिन्दूर पर बहस होनी थी। केंद्र सरकार ने राजनीतिक लाभ कोशिश की जिसने अलग अलग पार्टियों के डेलिगेशन भेजे। भारत का क्षेत्रफल क्या है सरकार जवाब दे। सरकार को ये लड़ाई चीन से लड़नी होगी, और जो ये सरकार बताती है है की हमने ये घुसकर ऑपरेशन चलाये उनसे हम सवाल पूछ्तें हैं की जिन एयरक्राफ्ट को नीम्बू लगाकर उड़ाया गया था वो कितना उड़ा ? पीएम मोदी जी की लाइनें पढता हूँ की वे कह रहे थे की मैं अपनों को मनाने में लगा हूं तो वो कौन लोग थे ? हमें भारतीय सेना पर गर्व है लेकिन सरकार को ये स्वीकार करना होगा की सीजफायर के बाद भी ड्रोन्स आ रहे थे. आखिर सीजफायर किसके दबाव में किया गया। ये पहलगाम हमला में इंटेलिजेंस फेलियर क्यों हुआ, क्षत्रफल कितना है और चीन से लड़ने की हमारी तैयारी कितनी है।
पाकिस्तान से ज्यादा चीन से खतरा : अखिलेश यादव
लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर बहस के दौरान सपा सांसद अखिलेश यादव ने सरकार से पूछा “आखिर ऐसी क्या वजह थी कि सरकार को युद्धविराम की घोषणा करनी पड़ी? हमें तो उम्मीद थी कि सरकार खुद ही इसकी घोषणा कर देगी. लेकिन चूंकि उनकी गहरी दोस्ती है, इसलिए सरकार ने अपने दोस्त से ही युद्धविराम की घोषणा करने को कहा…”
जब पहलगाम हमला हुआ तब हमले के दिन हर पर्यटक पूछ रहा था कि कोई हमारी रक्षा करने वाला, बचाने वाला क्यों नहीं था? जो सरकार दावा करती है कि 370 के बाद कश्मीर में कोई घटना नहीं होगी। वहां लोग सरकार के आश्वासन पर गए थे। आखिर वहां सिक्योरिटी लैप्स की जिम्मेदारी कौन लेगा? पहलगाम की घटना इसी वजह से है। सरकार को इसकी ज़िमेदारी लेते हुए ये जरूर बताना चाहिए कि क्या भविष्य में ये दुबारा न हो इसके लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। सीमाओं पर भारत के लिए खतरा है, पाकिस्तान से ज्यादा चीन से खतरा है, ना केवल सीमाओं से बल्कि भारतीय बाज़ार पर भी चीन से खतरा है, चीन शैतान है इसके लिए ठोस नीतियां बननी चाहिए। चीन राक्षस है हमारी जमीन पर अतिक्रमण कर रहा है . इंफ्रास्टक्चर की बात जो विदेश मंत्री कह रहे थे क्या हमारा इंफ्रा चीन से बेहतर है ? रक्षा का बजट बढ़ाना चाहिए।
केंद्र सरकार पर कनिमोझी का हमला
डीएमके सांसद कनिमोझी ने लोकसभा में कहा कि केंद्र सरकार शांति बनाए रखने में नाकाम रही, जिसके चलते उन्हें ऑपरेशन सिंदूर के लिए सांसदों के दल में जाना पड़ा और इससे देश के लोग निराश हुए। उन्होंने माना कि बीजेपी ने पहली बार विपक्ष पर भरोसा जताते हुए उन्हें दल का नेतृत्व करने का मौका दिया, जिसके लिए वे शुक्रगुजार हैं, लेकिन अगर ऐसी नौबत ही न आई होती तो वे ज्यादा खुश होतीं। कनिमोझी ने गृह मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका भाषण सिर्फ विपक्ष पर इल्जाम लगाने तक रहा, जो बस एक दोष मढ़ने तक सीमित रहा।
उठा पोटा कानून का मुद्दा, भागे आतंकवादियों के गिनाये नाम
लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आतंकवाद की जड़ पाकिस्तान है और अगर कांग्रेस ने देश के बंटवारे को स्वीकार नहीं किया होता, तो यह स्थिति नहीं आती। उन्होंने 20 साल के इतिहास का जिक्र करते हुए बताया कि 2002 में अटल जी की सरकार ने आतंकवाद रोकने के लिए पोटा कानून बनाया, जिसका कांग्रेस ने विरोध किया। मजबूरी में संयुक्त सत्र बुलाकर इसे पास करना पड़ा। शाह ने कांग्रेस से सवाल किया कि वे पोटा को हटाकर किसे बचाना चाहते थे? 2004 में कांग्रेस की सरकार ने पोटा रद्द किया, जिसके बाद 2005 में अयोध्या में रामलला के टेंट पर हमला सहित कई आतंकी घटनाएं हुईं, जिनमें सैकड़ों लोग मारे गए। शाह ने कहा कि कांग्रेस के शासन में 27 बड़े हमले हुए, लेकिन वे सिर्फ पाकिस्तान को डोजियर भेजते रहे।
सलमान खुर्शीद के वीडियो का जिक्र
मोदी सरकार में आतंकी घटनाएं सिर्फ पाकिस्तान प्रायोजित और कश्मीर तक सीमित रहीं। पहलगाम के आतंकियों को भागने का मौका नहीं दिया गया और सीआरपीएफ ने उन्हें ढेर कर दिया। शाह ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि सैयद सलाहुद्दीन, दाऊद इब्राहिम, टाइगर मेमन, रियाज भटकल और शादाब बेग जैसे आतंकी कांग्रेस के शासन में भागे। उन्होंने चुनौती दी कि अगर विपक्ष मुद्दा उठाना चाहे, तो उनके पास सलमान खुर्शीद का वीडियो है, जिसे दिखाने के लिए वे तैयार हैं।
मनमोहन-मोदी सरकार की तुलना पर अमित शाह
यह मनमोहन सरकार नहीं, जो मुंबई हमले के बाद सिर्फ चर्चा करती रही यह मोदी सरकार है, जो तुरंत एक्शन लेती है। हमने आतंकी ठिकानों पर हमला किया, जिसे पाकिस्तान ने अपने ऊपर हमला समझ लिया। अगले दिन आतंकियों के जनाजे में पाकिस्तानी सेना के अधिकारी शामिल हुए जिसने दुनिया के सामने साबित कर दिया कि पाकिस्तान में आतंकवाद को सरकार का समर्थन है। पाकिस्तान ने हमारे सैन्य ठिकानों पर हमला किया, लेकिन हमें कोई नुकसान नहीं हुआ। इसके जवाब में प्रधानमंत्री ने सैन्य और मंत्रियों के साथ बैठक की और हमने पाकिस्तान के 11 हवाई अड्डों पर हमला किया जिनमें से आठ को इतनी सटीकता से निशाना बनाया गया कि उनकी हवाई रक्षा पूरी तरह बेकार साबित हुई।
संघर्ष विराम पर क्या कहा अमित शाह ने
युद्धविराम और ऐतिहासिक भूलों पर गृह मंत्री शाह का जवाबगृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में बताया कि 10 मई को पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारत के डीजीएमओ को फोन किया और उसी दिन शाम 5 बजे हमने संघर्ष को रोक दिया। विपक्ष ने सवाल उठाया कि मजबूत स्थिति में होने के बावजूद युद्धविराम क्यों किया गया। शाह ने स्पष्ट किया कि युद्ध के कई परिणाम होते हैं, इसलिए सोच-समझकर फैसले लिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि 1948 में नेहरू ने युद्धविराम कर पीओके की समस्या खड़ी की। 1960 में सिंधु जल संधि में भारत का 80 प्रतिशत पानी पाकिस्तान को दे दिया गया, जबकि हमारी स्थिति मजबूत थी। 1965 में हाजी पीर पर कब्जा किया, लेकिन 1966 में उसे लौटा दिया। 1971 के युद्ध में 93 हजार युद्धबंदी और 15 हजार वर्ग किलोमीटर जमीन हमारे पास थी, लेकिन शिमला समझौते में पीओके मांगना भूल गए और जीती हुई जमीन भी वापस कर दी। युद्ध अपराधों के लिए न्यायाधिकरण बनना था, पर नहीं बना। सैम मानेकशॉ ने कहा है कि भुट्टो ने भारत के नेतृत्व को मूर्ख बनाया। ये हमें सिखा रहे हैं। आप तो पाकिस्तान को क्लीन चिट दे रहे हो। क्या अधिकार है आपको पूछने का, कोई अधिकार नहीं है। देश के पूर्व गृहमंत्री कह रहे हैं कि पाकिस्तान ने हमला नहीं किया। इन्हें कोई अधिकार नहीं है सवाल पूछने का।
अमित शाह ने सिंधु जलसंधि को बताया कांग्रेस की भूल
गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों पर हमला किया, लेकिन पाकिस्तान ने गलती से इसे अपना नुकसान मान लिया। अगले दिन आतंकियों के लिए उनकी श्रद्धांजलि सभा ने दुनिया के सामने उनकी सच्चाई दिखा दी। शाह ने बताया कि कांग्रेस ने सिंधु जल संधि जैसी भूल की थी, जिसे हमने रद्द किया और पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा भी निलंबित किए। सुरक्षा बलों ने संकल्प लिया कि आतंकी जहां भी छिपे हों, उन्हें करारा जवाब दिया जाएगा। इस बार हमने नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट किया, बिना किसी आम नागरिक को नुकसान पहुंचाए। शाह ने स्पष्ट किया कि जहां सर्जिकल और एयर स्ट्राइक में हमने पीओके पर हमला किया, जो हमारा हिस्सा है, वहीं इस बार हमने पाकिस्तान की सरजमीं पर कार्रवाई की।
आतंकियों के पाकिस्तानी होने के पुख्ता सबूत : गृह मंत्री
गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि आतंकियों के ठिकानों और उनके मंसूबों की जिम्मेदारी हमारी है और इसे हम बखूबी निभा रहे हैं। उन्होंने पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि मारे गए तीनों आतंकियों के पाकिस्तानी होने के पुख्ता सबूत हैं, जिनमें से दो के पास पाकिस्तान का मतदाता पहचान पत्र भी था। इसके अलावा उनके पास मिली चॉकलेट भी पाकिस्तान में बनी थीं। शाह ने चिदंबरम पर तंज कसते हुए कहा कि वे देश के सामने पाकिस्तान को बेगुनाह ठहराने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन 130 करोड़ भारतीय इस साजिश को समझ चुके हैं। देश के पूर्व गृह मंत्री पाकिस्तान को बचा रहे हैं
शाह ने अखिलेश को बोला ,आतंकियों का धर्म देखकर दुखी मत हों
अमित शाह ने लोकसभा मे भाषण के दौरान कहा मैं सोचता करता था कि जब विपक्ष आतंकियों के मारे जाने की सूचना सुनेगा तो विपक्ष में खुशी की लहर दौड़ जाएगी लेकिन इनके चेहरे पर स्याही फैल गई। आतंकी मारे गए, इसकी भी खुशी नहीं हो रही। इतना कहते हुए शाह ने सपा सांसद अखिलेश यादव से कहा- अखिलेश जी जी बैठिए, मेरी बात सुनिए, आपकी सारी बातें आ जाएंगी। आतंकियों के धर्म देखकर दुखी मत होइए।
पहलगाम हमले के आतंकियों की कैसे हुई पहचान
लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया किया कि पहलगाम हमले के तीन आतंकवादी सुलेमान, अफगान और जिबरान ऑपरेशन महादेव में भारतीय सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त अभियान में मारे गए। उन्होंने बताया कि आतंकियों को भोजन सप्लाई करने वालों को पहले ही हिरासत में ले लिया गया था, जिन्होंने श्रीनगर में लाए गए आतंकियों के शवों की पहचान की। शाह ने भावुक होकर कहा कि हमले के बाद वे पीड़ित परिवारों से मिले, जहां एक छह दिन पहले शादी करने वाली बच्ची विधवा होकर उनके सामने खड़ी थी वो एक ऐसा दृश्य जो वे कभी नहीं भूल सकते।
पहलगाम हमले पर बोले अमित शाह
गृह मंत्री शाह ने बताया कि 22 अप्रैल को पहलागाम हमले के तुरंत बाद उसी रात एक महत्वपूर्ण सुरक्षा बैठक बुलाई गई जिसमें राहुल गांधी भी मौजूद थे। हमले के कुछ ही घंटों में वे गृह मंत्री शाम साढ़े पांच बजे कश्मीर पहुंच गए थे। अगले दिन 23 अप्रैल को हुई बैठक में हत्यारों को पाकिस्तान भागने से रोकने के लिए ठोस कदम उठाए गए। 22 मई को खुफिया जानकारी के आधार पर दाचीगाम में आतंकियों की मौजूदगी की पुष्टि हुई। मई से जुलाई तक कठिन परिस्थितियों में सुरक्षाकर्मियों ने आतंकियों के सिग्नल पकड़ने के लिए अथक प्रयास किए। अंततः 22 मई को प्राप्त सिग्नल के आधार पर सुरक्षाबलों ने आतंकियों को घेरकर उन्हें मार गिराया जिन्होंने निर्दोष लोगों की जान ली थी।
राज्यसभा 2 बजे तक स्थगित
राज्यसभा की कार्यवाही हंगामे के कारण दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई है।
लोकसभा में सोमवार को भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई। लोकसभा में करीब 16 घंटे की चर्चा है। दोपहर शुरू हुई सदन की कार्यवाही रात को 12 बजकर 52 मिनट तक चली। इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और अन्य नेताओं ने सरकार का पक्ष मजबूती से रखा था। इस दौरान कई मौकों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। विपक्ष ने ऑपरेशन सिंदूर और SIR को लेकर सरकार पर लगातार हमला बोला है। विपक्ष की ओर से गौरव गोगाेई, असुद्दीन ओवैसी ने अपनी बात रखी और ऑपरेशन सिंदूर के बाद हुए संघर्ष पर सीजफायर पर सरकार को घेरा। मंगलवार सुबह विपक्षी सांसदों ने संसद के मकर द्वार के बाहर वोटर वेरिफिकेशन के मुद्दे पर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। INDIA गठबंधन ने इसे लोकतंत्र के खिलाफ कदम करार देते हुए कहा, “हम SIR के खिलाफ संघर्ष जारी रखेंगे और बीजेपी को लोकतंत्र का गला घोंटने नहीं देंगे।








