नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के तकरीबन एक साल का समय शेष है। इस बीच एक तरफ भाजपा और इंडिया गठबंधन के बीच जहां बयानबाजी तेज होती जा रही है। वहीं समाजवादी पार्टी और अपना दल (कमेरावादी) अलग अलग ध्रुवों पर जाते नजर आ रहे हैं।
पल्लवी पटेल ने अपने सिंबल पर चुनाव लड़ने और उम्मीदवारों को खड़ा करने की घोषणा पहले ही कर दी है। द लेंस से बातचीत में यूपी विधानसभा के विशेष सत्र में हिस्सा ले रही पल्लवी पटेल ने कहा कि मेरी पार्टी अपने चुनाव चिन्ह पर उम्मीदवार हर कीमत पर खड़ा करेगी।
कांग्रेस के संपर्क में पल्लवी पटेल
यूपी के सपा और अपना दल कमेरावादी के बीच राज्यसभा चुनाव के दौरान आई हुई खटास लगातार गहराते जा रही है। यहां तक कि नारी शक्ति वंदन को लेकर बीजेपी के द्वारा विधानसभा में लाए जाने वाले प्रस्ताव के विरुद्ध रणनीति तैयार करने को लेकर बुलाई गई विधानमंडल की बैठक से भी अपना दल ( क) की उपाध्यक्ष पल्लवी पटेल नदारद रहीं।
इस मुद्दे पर न तो कोई सपा में बोलने को तैयार है न अपना दल कोई प्रतिक्रिया दे रहा है। ख़बर यह भी है कि पल्लवी पटेल अखिलेश यादव की तुलना में कांग्रेस नेताओं को लेकर ज्यादा सहज हैं और उनके संपर्क में हैं।
राज्यसभा चुनाव के दौरान भिड़े थे अखिलेश और पल्लवी
सूत्रों की मानें तो इस विवाद की शुरुआत फरवरी माह में हुई थी। पल्लवी पटेल के करीबियों का दावा है कि अखिलेश यादव ने उन्हें राज्यसभा चुनाव के दौरान वोट के लिए फोन किया था। पल्लवी पटेल से बातचीत के क्रम में अखिलेश यादव ने आलोक रंजन को वोट देने के लिए कहा गया तब पल्लवी पटेल की ओर से पीडीए की पॉलिटिक्स की चर्चा की गई।
इस पर अखिलेश यादव झल्ला गए। इसके बाद पल्लवी पटेल ने सपा अध्यक्ष को सुना दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पल्लवी की बातों से नाराज अखिलेश यादव ने गुस्से में विधानसभा चुनाव के समय की स्थिति की बात कही। उन्होंने गुस्साते हुए कहा कि हमें आपका वोट नहीं चाहिए। इसके बाद अखिलेश यादव ने फोन काट दिया।
पल्लवी ने खुद को सपा विधायक मानने से किया था इंकार
पल्लवी ने पूर्व में कहा कि मैं कहीं से भी सपा की विधायक नहीं हूं, अपना दल गठबंधन की विधायक हूं। मेरी सदस्यता छीन लेने के सारे अधिकार सपा के पास हैं। I.N.D.I.A. घटक दलों के साथ क्या करता है, यह उसकी जिम्मेदारी है। पल्लवी ने कहा कि अपना दल कमेरावादी फूलपुर, कौशांबी और मीरजापुर से चुनाव लड़ेगी। हम लोकसभा चुनाव अपने सिंबल पर लड़ेंगे। हम जिन सीटों पर चुनाव लड़ना चाहते थे, वे सीटें कांग्रेस को बता दी गई हैं।
अपना दल के राजाराम पटेल कहते हैं कि यह सपा को तय करना है कि उनको पिछड़ा-दलित के नेताओं की जरूरत है या नहीं। पिछड़ा दलित अल्पसंख्यक फ्रंट यानी पीडीए को लेकर अखिलेश पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह किसी की जेब का अजेंडा नहीं है। पीडीए एक बड़ा मिशन है और पार्टी इसके लिए प्रतिबद्ध है।
डिप्टी सीएम को हराकर चर्चा में आई पल्लवी
पल्लवी पटेल सिराथु से विधायक हैं। उन्होंने भाजपा के सीनियर नेता और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में पराजित कर अपनी जोरदार उपस्थिति दर्ज कराई थी। अपना दल कमेरावादी की नेता पल्लवी पटेल को अखिलेश यादव ने सपा के टिकट पर चुनावी मैदान में उतारा था। उनके समर्थन में वोट मांगने डिंपल यादव और जया बच्चन भी चुनावी मैदान में उतरी थीं। लेकिन, राज्यसभा चुनाव 2024 के दौरान पल्लवी ने पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन और जया बच्चन को सपा उम्मीदवार बनाए जाने पर सवाल उठाया। इस दौरान उन्हें अखिलेश यादव के खिलाफ लगातार बयान भी दिए थे।
सपा को ज्यादा जरूरत पल्लवी के समर्थन की
समाजवादी पार्टी पिछले कुछ वर्षों से बीजेपी राज्य में प्रमुख गैर-यादव ओबीसी निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल करने के लिए अपने क्षेत्रीय सहयोगियों के नेटवर्क पर निर्भर रही है। कुर्मी-पटेल समुदाय में अपना दल, राजभर समुदाय में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) और निषाद, मल्लाह और केवट जैसी नदी किनारे बसी बस्तियों में निषाद पार्टी का दबदबा माना जाता है। ये समूह मिलकर एक निर्णायक चुनावी गठबंधन बनाते हैं, जिसका बीजेपी को पूर्वी यूपी में बड़ा फायदा मिलता है। अगर पल्लवी पटेल सपा से मुंह मोड़ती है तो कुर्मी बहुल सीटों पर सपा को भारी नुकसान होगा।
40 सीटों पर पल्लवी पटेल की निगाह
कुर्मी बहुल 40 विधानसभा सीटों पर पल्लवी की तैयारी वर्तमान में अपना दल कमेरावादी की राष्ट्रीय अध्यक्ष पल्लवी की मां कृष्णा पटेल हैं। पल्लवी की बड़ी बहन पारुल पटेल भी पार्टी में सक्रिय हो चुकी हैं। ये सभी कुर्मी-बहुल सीटें हैं।
पल्लवी पटेल के मुताबिक, अंबेडकर नगर की दो सीटें, गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती, बलिया, बस्ती, मऊ, झांसी, बांदा, कौशांबी, प्रयागराज, कानपुर देहात, फतेहपुर, मिर्जापुर, वाराणसी, सोनभद्र, जौनपुर, प्रतापगढ़, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर जिले की सीटें हैं।









