नई दिल्ली। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर बीती रात कई हवाई हमले किए। इसे पाकिस्तान की अफगानिस्तान पर एयर स्ट्राइक (Air Strike) बताया जा रहा है। अफगान तालिबान के अनुसार इन हमलों में कम से कम 18 लोग मारे गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
बीबीसी के अनुसार इस्लामाबाद ने कहा है कि ये हमले पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा के पास सात कथित उग्रवादी शिविरों और ठिकानों पर किए गए थे। ये हमले हाल में पाकिस्तान में हुए आत्मघाती बम विस्फोटों के जवाब में किए गए, जिनमें इस महीने इस्लामाबाद में एक शिया मस्जिद पर हमला और रमजान शुरू होने के बाद खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में अन्य हमले शामिल हैं।
पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने इसे खुफिया जानकारी पर आधारित टारगेटेड स्ट्राइक बताया है जिसमें प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान, सहयोगी और इस्लामिक स्टेट-खोरासन प्रांत के सदस्यों को निशाना बनाया गया। मंत्रालय ने कहा कि ये हमले प्रतिशोधात्मक थे और उनके पास ठोस सबूत हैं कि ये हमले अफगानिस्तान से निर्देशित थे, जहां तालिबान इन उग्रवादियों को शरण दे रहा है।
तालिबान ने इन हमलों की कड़ी निंदा की और इन्हें अफगानिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता का स्पष्ट उल्लंघन तथा अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा कि हमले नागरिक घरों और एक धार्मिक स्कूल पर किए गए। तालिबान के रक्षा मंत्रालय ने चेतावनी दी कि ‘उचित समय पर उचित और संतुलित जवाब’ दिया जाएगा।
नंगरहार प्रांत के बिहसूद जिले के गिर्दी कास गांव में एक परिवार पर हमला हुआ। शहाबुद्दीन नाम के एक व्यक्ति ने बताया कि उनके 23 सदस्यीय परिवार में से सिर्फ 5 लोग बच पाए। स्थानीय तालिबान प्रवक्ता ने पुष्टि की कि इस परिवार के 18 सदस्य मारे गए।
पाक्तिका प्रांत के कुछ इलाकों में गेस्टहाउस और धार्मिक स्कूल को निशाना बनाया गया, लेकिन वे उस समय खाली थे, इसलिए वहां कोई मौत नहीं हुई।
ये हमले अक्टूबर 2023 में सीमा पर हुई झड़पों के बाद सऊदी अरब की मध्यस्थता से बने नाजुक युद्धविराम के बाद आए हैं। उस समय तीन पाकिस्तानी सैनिकों को अफगानिस्तान ने रिहा किया था। दोनों देश 2,574 किमी लंबी पहाड़ी सीमा साझा करते हैं, जहां तनाव बना हुआ है।











