रायपुर। महादेव सट्टा ऐप मामले से जुड़े दिल्ली के विकास गर्ग (Vikas Garg) के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हालिया कार्रवाई के बाद भाजपा की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और अधिवक्ता नरेश चंद्र गुप्ता ने कहा कि महादेव सट्टा ऐप घोटाले में की गई कार्रवाई यह साबित करती है कि भाजपा की भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम किसी दल, चेहरे या राजनीतिक रसूख से प्रभावित नहीं होती।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार भाजपा पर द्वेषपूर्ण राजनीति और पक्षपातपूर्ण कार्रवाई के आरोप लगाती रही है, लेकिन विकास गर्ग की गिरफ्तारी ने इन आरोपों को निराधार साबित कर दिया है। उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है और भाजपा न तो भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देती है और न ही किसी के बचाव में खड़ी होती है।
नरेश चंद्र गुप्ता ने कहा कि महादेव सट्टा ऐप मामले की तह तक जाने की प्रतिबद्धता पहले भी भाजपा ने दिखाई थी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस शासनकाल के दौरान इस मामले में पहली शिकायत भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता और पूर्व मंत्री राजेश मूणत द्वारा सीधे ED के समक्ष दर्ज कराई गई थी।
उन्होंने कहा कि शिकायत के बाद गहन जांच में इस महाघोटाले से जुड़े कई बड़े नाम सामने आए। उनके अनुसार, इस मामले में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के संरक्षण में काम करने वाले कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों, मुख्यमंत्री के तत्कालीन राजनीतिक सलाहकार, उनके परिजनों, कांग्रेस नेताओं और अन्य प्रभावशाली लोगों के खिलाफ भी मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत कार्रवाई की गई।
भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी जांच एजेंसियों में पूरा विश्वास रखती है और मानती है कि देश की आर्थिक सुरक्षा तथा युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाला कोई भी व्यक्ति कानून से बड़ा नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि जैसे भाजपा से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई है, उसी तरह इस सिंडिकेट से जुड़े हर व्यक्ति के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने अपने बयान में कहा कि ‘अंतिम कार्रवाई अभी शेष है। जो इस सिंडिकेट का हिस्सा रहे हैं, कानून का हाथ बिना किसी भेदभाव के हर दोषी तक पहुंचेगा, चाहे वह सत्ता में हो या विपक्ष में।’











