रायपुर। 9 नए सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में फैकल्टी भर्ती को लेकर (Nursing College Recruitment in Chhattisgarh) छत्तीसगढ़ में विवाद तेज हो गया है। एक तरफ द नर्सिंग एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ (TNAC) ने भर्ती में दलाली, सिफारिश और आर्थिक लेन-देन की गंभीर शिकायतें की हैं, वहीं छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भी भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए राज्यपाल को पत्र लिखा है।
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदेश में 09 नए शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय खोले जा रहे हैं। इन कॉलेजों में प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक और प्रदर्शक के कुल 198 संविदा पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इन पदों के लिए 1000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं।
TNAC का आरोप
द नर्सिंग एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ ने बयान जारी कर कहा कि कुछ स्थानों पर इंटरव्यू आधारित भर्ती में दलाली, सिफारिश और आर्थिक लेन-देन की शिकायतें लगातार आ रही हैं। एसोसिएशन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इन आरोपों में सच्चाई पाई गई तो यह योग्य नर्सिंग युवाओं के साथ बड़ा अन्याय होगा।
TNAC ने मांग की है कि भर्ती पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और मेरिट के आधार पर हो। एसोसिएशन ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि यदि उनके पास किसी अनियमितता का प्रमाण है तो वे TNAC को उपलब्ध कराएं। एसोसिएशन ने कहा, ‘प्रदेश के नर्सिंग युवाओं के भविष्य से कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’
कांग्रेस का पत्र
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के चिकित्सा प्रकोष्ठ अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने माननीय राज्यपाल को पत्र लिखकर भर्ती प्रक्रिया में तत्काल सुधार की मांग की है। डॉ. गुप्ता ने लिखा कि वर्तमान में भर्ती केवल मेरिट के आधार पर की जा रही है और लिखित परीक्षा नहीं कराई जा रही है। इतनी बड़ी संख्या में पदों पर केवल इंटरव्यू/मेरिट से चयन पारदर्शी नहीं हो सकता। उन्होंने मांग की कि योग्य अभ्यर्थियों को उचित मौका देने के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की जाए।

पदों का विवरण –
प्राध्यापक: 09
सह-प्राध्यापक: 18
सहायक प्राध्यापक: 27
प्रदर्शक: 144
TNAC और कांग्रेस दोनों ही संगठनों ने शासन से अपील की है कि भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र संशोधित कर पारदर्शी बनाया जाए, ताकि योग्य उम्मीदवारों का चयन सुनिश्चित हो सके।










