लाल किले से मोदी से मिली तारीफ के बाद भी छत्तीसगढ़ में जमीन पर क्यों हैं ये महिलाएं?

January 5, 2026 6:04 PM
NRLM

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) और स्वयं सहायता समूहों की जमकर तारीफ की थी। लेकिन, इस तारीफ के ठीक उलट तस्वीर सोमवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में देखने को मिली, जहां एनआरएलएम ‘बिहान’ से जुड़ी सक्रिय महिलाएं महज 1910 रुपये मासिक मानदेय के खिलाफ सड़कों पर उतर आईं।

सोमवार को राजधानी के राजीव गांधी चौक में हुए इस राज्य स्तरीय प्रदर्शन में प्रदेशभर से आई महिलाओं ने सरकार से सीधे सवाल पूछा – जब लाल किले से तारीफ होती है, तो जमीन पर इतना अपमान क्यों?

प्रदर्शन का नेतृत्व संगठन की प्रांत अध्यक्ष पदमा पाटिल और महासचिव बिंदु यादव कर रही थीं।

पदमा पाटिल ने कहा कि एनआरएलएम के तहत सक्रिय महिलाएं गांव-गांव जाकर स्वयं सहायता समूहों का गठन, बैंक लिंकेज, बचत-ऋण, बीमा, कृषि, पशुपालन, पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता, जल जीवन मिशन, आयुष्मान कार्ड और अन्य सरकारी योजनाओं को लागू कर रही हैं, लेकिन बदले में उन्हें न्यूनतम वेतन से भी कम 1910 रुपये थमा दिए जाते हैं।

महासचिव बिंदु यादव ने आरोप लगाया कि उनसे निजी मोबाइल फोन पर ऑनलाइन काम कराया जा रहा है, हर महीने 300–350 रुपये तक जेब से खर्च करना पड़ता है, यात्रा और मीटिंग के लिए कोई भत्ता नहीं मिलता। कई ब्लॉकों में मानदेय 5–6 महीने में एक बार, वह भी नकद और मनमानी कटौती के साथ दिया जाता है। इससे भी गंभीर आरोप यह है कि वर्षों से काम कर रहीं सक्रिय महिलाओं को जबरन हटाया जा रहा है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री के भाषणों और जमीनी हकीकत के बीच यह फर्क सरकारी संवेदनहीनता को उजागर करता है। यदि एनआरएलएम देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, तो उसे संभालने वाली महिलाओं को भिखारी जैसा मानदेय क्यों?

महिलाओं ने मानदेय 10 हजार रुपए करने, मोबाइल व इंटरनेट भत्ता, यात्रा व दैनिक भत्ता, नियुक्ति पत्र और नियमितीकरण की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अब भी आंखें बंद रखीं, तो आंदोलन को राज्यव्यापी से राष्ट्रीय स्तर तक ले जाया जाएगा। वे संसद तक का घेराव करेंगी।

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दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 13 वर्षों का अनुभव है। 2022 से दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर के तौर पर काम किया है। इस दौरान स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन खबरें लिखीं। दैनिक भास्‍कर से पहले नवभारत, नईदुनिया, पत्रिका अखबार में 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

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