NEET 2026 paper leak मामले में सीबीआई की जांच तेज हो गई है। जांच एजेंसी को संकेत मिले हैं कि पिछले साल भी लीक हुआ पेपर महाराष्ट्र के लातूर स्थित रेनुकाई करियर सेंटर (आरसीसी) तक पहुंचा था। कोचिंग संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर के पुराने लिंक इस नेटवर्क से जुड़े होने के सबूत सामने आए हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आरसीसी से नीट-2025 में सफल कई छात्रों का एम्स में चयन हुआ। इनमें दिल्ली, हैदराबाद, भोपाल, वाराणसी समेत कई शहरों के एम्स शामिल हैं। मोटेगांवकर अमीर परिवारों के औसत से बेहतर पढ़ने वाले छात्रों को निशाना बनाते थे। अभिभावकों से डील फाइनल होने के बाद उन्हें रेगुलर बैच में शामिल किया जाता था। परीक्षा से पहले आखिरी 15 दिनों में ‘वन-ऑन-वन मेंटरिंग कोर्स’ चलाया जाता था। सीबीआई को इस दौरान पेपर रटवाने के कई वीडियो भी मिले हैं।
पूरा लीक नेटवर्क
सीबीआई के अनुसार, मोटेगांवकर पुणे की ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे के जरिए प्रो. पीवी कुलकर्णी और मनीषा मांढरे से जुड़े थे। नेटवर्क में गुरुग्राम के यश यादव ने जयपुर के विकास बिवाल को पेपर बेचा। यश को नासिक के शुभम खैरनार से पेपर मिला था। आरोप है कि इस पेपर की मदद से विकास और उसके परिवार के पांच सदस्य सरकारी मेडिकल कॉलेज में चयनित हुए। सीबीआई ने नागपुर के सेंट्रल एवेन्यू और इतवारी इलाके में दो छात्रों के घर छापेमारी की। वहां से मोबाइल, लैपटॉप और नोट्स जब्त किए गए। दोनों छात्रों ने इस साल नीट दी थी। जांच एजेंसी को शक है कि उन्हें पुणे नेटवर्क के जरिए 15 लाख रुपये प्रति छात्र देकर लीक पेपर उपलब्ध कराया गया।
10 घंटे पूछताछ, 10 गिरफ्तारियां
सीबीआई ने मोटेगांवकर के बेटे से करीब 10 घंटे पूछताछ की। संदिग्ध छात्रों और अभिभावकों से पूछा गया कि उन्हें पेपर किससे मिला और कितने पैसे दिए गए। अब तक दिल्ली, नासिक, पुणे, जयपुर, गुरुग्राम और अहिल्यानगर से 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें शुभम खैरनार, मनीषा वाघमारे, यश यादव, पीवी कुलकर्णी और शिवराज मोटेगांवकर शामिल हैं।
‘गेस पेपर’ से खुली पोल
नीट परीक्षा के बाद सीकर से मिले एक व्हिसलब्लोअर ईमेल ने मामले को गंभीर बना दिया। ईमेल में भेजे गए गेस पेपर में केमिस्ट्री के सभी सवाल असली पेपर से 100% मैच कर रहे थे। एनटीए ने इसकी जांच शुरू की और पेपर सेटर्स व ट्रांसलेटर्स तक पहुंच गई। एजेंसी ने 26-27 लोगों की लिस्ट सीबीआई को सौंपी है।
21 जून को री-नीट
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को 21 जून को होने वाली री-एग्जाम की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित, निर्बाध और फुलप्रूफ हो। पिछली खामियों को पूरी तरह दूर करने के आदेश दिए गए हैं। एनटीए ने इस बार केमिस्ट्री के साथ-साथ फिजिक्स और बायोलॉजी के पेपर सेटर्स और ट्रांसलेटर्स भी बदल दिए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए नए नियम और एसओपी तैयार किए जा रहे हैं।
छोटे गांव से 1500 करोड़ का साम्राज्य
लातूर के छोटे गांव से निकले शिवराज मोटेगांवकर ने 25 साल पहले उमरगा कॉलेज में पार्ट-टाइम टीचर के रूप में शुरुआत की। 1999-2000 में लातूर में छोटी दुकान से 10 छात्रों के साथ आरसीसी क्लासेस शुरू की। आज उनका नेटवर्क 8 जिलों में फैला है और 40 हजार से ज्यादा छात्र पढ़ते हैं। स्थानीय स्तर पर उनकी संपत्ति 1500 करोड़ रुपये बताई जाती है। जांच एजेंसियां अब यह भी देख रही हैं कि कितने छात्रों को ‘वन-ऑन-वन’ कोर्स की आड़ में पेपर बेचा गया।











