नई दिल्ली। यह खबर पढ़कर आपकी रूह कांप उठा देगी। दो साल से बंधक छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बिलासपुर का नारायण दास आज 11 अन्य मजदूरों के साथ यूपी के मुजफ्फरनगर में जब एक फैक्ट्री से मुक्त किया गया तो उसके शरीर पर सिर्फ हड्डियां शेष थी जगह जगह कोड़ों और पिटबुल के काटने के दाग और जले के निशान थे।
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक दोना-पत्तल फैक्ट्री में काम कराने के लिए 13 मजदूरों को बंधक बनाकर रखा गया था। मुजफ्फरनगर पुलिस ने इन मजदूरों को छुड़ाया है।
मुजफ्फरनगर पुलिस के अमित चौधरी ने द लेंस को बताया कि इन मजदूरों से 24 घंटे काम कराया जाता था और उन्हें बेरहमी से पीटा जाता था। इतना ही नहीं, मजदूरों को 24 घंटे में एक बार खाने के लिए नमक और गायो को खोलें जाने वाले चोकर से बनी रोटी दी जाती थी। फैक्ट्री के मालिक ने मजदूरों के मोबाइल और आधार कार्ड जब्त कर लिए थे। ऐसे में वह अपने बंधक होने की जानकारी किसी को नहीं बता पा रहे थे। मजदूरों की कहानी सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई है।
तीन मजदूरों की हत्या का अनुमान
अमित चौधरी ने बताया कि यूपी पुलिस और मुजफ्फरनगर जनपद में लेबर विभाग की प्रशासनिक टीम ने मिलकर दोना-पत्तल बनाने वाली फैक्ट्री पर छापा मारा था। यहां से टीम ने 13 मजदूरों को बंधन मुक्त कराया था।
ये मजदूर छत्तीसगढ़ के अलावा हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, झारखंड, बिहार, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के साथ-साथ नेपाल से थे। तीन मजदूरों की पिटाई से मौत की भी खबर है।
अच्छे पैसों का लालच देकर इन मजदूरों को पहले फैक्ट्री में काम करने के लिए लाया गया था। लेकिन यहां लाने के बाद पैसे तो दूर की बात, उन्हें पूरी तरह से बंधक बना लिया गया। फैक्ट्री मालिक ने उन्हें यातनाएं देना शुरू कर दिया और 24 घंटे काम कराया जाने लगा।
पिटबुल कुत्ते का लगा रखा था पहरा
इन मजदूरों के आधार कार्ड और मोबाइल फोन भी छीन लिए गए थे। इन सभी मजदूरों की निगरानी के लिए दो पिटबुल डॉग को भी इस फैक्ट्री में रखा गया था, ताकि डर से ये मजदूर फैक्ट्री से भागने की हिमाकत ना कर सकें।
जानकारी ये भी मिल रही है कि तकरीबन 2 सालों से इस फैक्ट्री में बंधक बनाकर रखे गए इन मजदूरों में से कई की मौत भी हो चुकी हैं। पुलिस सख्ती से इस मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने फैक्ट्री से दो लोगों को भी गिरफ्तार किया है।
मजदूरों के उत्पीड़न के हथियार बरामद
मजदूरों की पिटाई में इस्तेमाल किए जाने वाले डंडे और अन्य सामान भी बरामद किए गए हैं।
सीतापुर के मजदूर ने सुनाई आपबीतीबंधक मुक्त हुए सीतापुर के एक मजदूर जगदीश ने बताया कि उनके साथ बहुत सारे लड़के थे। हमें पैसे का लालच लेकर बुलाया गया था और 8000 रुपए महीने का वेतन देने का लालच दिया गया था। दो टाइम का खाना देने और तीन टाइम चाय देने की बात कही गई थी। जबकि सभी व्यवस्थाएं देने का वादा किया गया था। लालच में सभी यहां काम करने के लिए आ गए थे। लेकिन बाद में यहां बंधक बना लिया गया।
एक मजदूर ने भाग कर दी पुलिस को जानकारी
मजदूरों ने बताया कि दिन में 24 घंटे में एक बार केवल नमक-रोटी मिलती थी। कोई पैसा नहीं दिया जाता था और हमारा मोबाइल और आधार कार्ड भी छीन लिया था। डंडे और हंटर से मारते थे, भाला दाग देते थे। काम नहीं करने पर इतना मारते थे कि शरीर हरा-नीला पड़ जाता था।
मजदूर जगदीश ने बताया कि साथ में काम करने वाला एक लड़का उनके साथ काम करता था।
एक दिन फैक्ट्री का मुख्य मालिक कहीं गया हुआ था। मालिक का बाप आया हुआ था, जिसके चलते गेट खुला हुआ था। ऐसे में एक लड़का मौका देखकर भाग निकला और सीधे पुलिस थाने पहुंच गया।
इस दौरान उसका पीछा करने की कोशिश भी हुई, लेकिन वे उसे पकड़ नहीं पाए। जिसके बाद पुलिस ने छापा मारकर सभी मजदूरों को छुड़वाया है।
मजदूरों की हालत देख मुजफ्फरनगर पुलिस रह गई हैरान
मजदूरों की हालत देखकर मुजफ्फरनगर पुलिस भी हैरान रह गई। पुलिस ने फैक्ट्री से रामू, विक्रम, नारायण, सीताराम, संतोष, शिवम जाटव, जगदीश, राजहंस, साहिल, रंजीत पासवान, दिलशाद, उज्जवल और सोनू चौहान समेत कुल 13 मजदूरों को छुड़वाया है।
छापेमारी के दौरान टीम ने मौके से शिवम त्यागी और प्रदीप बालियान नाम के दो लोगों को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि शरीर में जगह-जगह मारपीट के निशान हैं और सभी बहुत बुरी स्थिति में वहां फंसे हुए थे।
बाद में पुलिस ने बंधन मुक्त कराए गए इन सभी मजदूरों का मेडिकल चेकअप कराने के बाद सभी को माला पहनाकर उनके घरों के लिए रवाना किया है।
यूपी पुलिस ने शुरू की फैक्ट्री मालिक की तलाश
मुजफ्फरनगर एसएसपी संजय कुमार वर्मा का कहना है कि फैक्ट्री मालिक की तलाश शुरू कर दी गई है।
बताया जा रहा है कि बंधक बनाए गए मजदूरों में 1 की मौत हो चुकी है, जबकि दो लोग गायब हैं। ऐसे में हर एंगल से मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस ने अलग-अलग टीमें बनाई हैं जो तलाश में जुट गई हैं। मृतक मजदूर की पहचान कर ली गई है, जबकि दो लोगों की भी पहचान की जा रही है।









