नागपुर में हाईवे पर क्‍यों उतर गए किसान, लग गया 20 किलोमीटर लंबा जाम?

Nagpur farmers protest

नागपुर। हजारों किसान जेल भरो आंदोलन के लिए नागपुर में वर्धा हाईवे पर उतर गए और मार्ग जाम कर दिया। आंदोलन से हाईवे पर 20 किलोमीटर लंबा जाम लग गया।

बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच ने प्रहर जनशक्ति पार्टी के नेता बच्चू कडू और उनके समर्थक किसानों को वर्धा रोड (एनएच-44) खाली करने का आदेश दिया। कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा कि इस रहा है, जिससे एम्बुलेंस और पुलिस वाहनों की आवाजाही बाधित हो रही है।

न्यायमूर्ति रजनीश व्यास ने बताया कि यह हाईवे नागपुर हवाई अड्डे और नेशनल कैंसर इंस्टिट्यूट से जुड़ा है, इसलिए जाम से नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा है। अगली सुनवाई 6 नवंबर को होगी।

हालांकि, कडू के नेतृत्व में हजारों किसानों ने हाईवे खाली करने से इनकार कर दिया और अब जेल भरो आंदोलन के लिए पैदल मार्च के लिए उतर पड़े। यह ‘महाअल्गार मोर्चा’ सोमवार को अमरावती के चांदूरबाजार से शुरू हुआ था। पुलिस ने क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है।

किसानों का कहना है कि सरकार ने सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए कोई ठोस राहत नहीं दी। कडू ने आरोप लगाया कि न तो भावांतर योजना लागू हुई और न ही फसलों का उचित मूल्य मिल रहा है। उन्होंने सोयाबीन के लिए 6000 रुपये प्रति क्विंटल और हर फसल पर 20 प्रतिशत बोनस की मांग की थी, लेकिन सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया।

राज्य में हाल की भारी बारिश और बाढ़ से मराठवाड़ा और विदर्भ में 68 लाख हेक्टेयर से अधिक फसलों को नुकसान हुआ है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 31,628 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की थी, जिसमें 29 जिलों के किसानों को 10,000 रुपये की नकद सहायता दी जाएगी। लेकिन किसान संगठनों का कहना है कि यह पैकेज नाकाफी है और ऋणमाफी के बिना उनकी समस्याएं हल नहीं होंगी।

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