‘जहाज डूब रहा है.. कृपया मदद करें’, अमेरिकी मिसाइल हमले के बाद भारतीय नाविकों की गुहार, सभी 24 सुरक्षित

ओमान के तट के पास अमेरिकी नौसेना द्वारा एक तेल टैंकर पर मिसाइल हमला किए जाने के बाद भारतीय क्रू सदस्यों का दिल दहला देने वाला ऑडियो क्लिप सामने आया है। क्लिप में एक भारतीय नाविक मदद की गुहार लगाते हुए कह रहा है ‘जहाज डूब रहा है. कृपया मदद करें।’ सोमवार को ओमान के तट के पास अमेरिकी नौसेना ने इस टैंकर पर मिसाइल दाग दी। हमले में जहाज के इंजन रूम में आग लग गई और जहाज के निचले हिस्से में छेद हो गया। ऑडियो क्लिप में एक भारतीय क्रू सदस्य घबराए हुए स्वर में कह रहा है: ‘सर, यह मोटर टैंकर मारिवेक्स है… जहाज पर आग लग गई है और जहाज डूब रहा है। अमेरिकी नौसेना का हमला है। मिसाइल इंजन रूम में लगी है। कृपया मदद करें.. कृपया मदद करें।”

  • सभी भारतीय नाविक सुरक्षित

हमले के तुरंत बाद भारतीय तटरक्षक बल के समुद्री बचाव समन्वय केंद्र ने ओमान के साथ समन्वय किया। ओमान की रॉयल एयर फोर्स के हेलीकॉप्टर ने दोपहर करीब 3:25 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और सभी 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया। अमेरिका ने पुष्टि की कि टैंकर ईरानी बंदरगाहों की ओर जा रहा था, जो अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, जहाज ने नाकेबंदी तोड़ने के चार प्रयास किए थे। F/A-18 सुपर हॉर्नेट फाइटर जेट से सटीक हमला कर जहाज को निष्क्रिय कर दिया गया। भारतीय रक्षा मंत्रालय ने सफल बचाव अभियान के लिए ओमान की सराहना की और कहा कि यह क्षेत्रीय समुद्री सहयोग की मजबूती को दर्शाता है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के चलते अमेरिका ने अप्रैल 2026 से ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी लगा रखी है। इस दौरान कई जहाजों को रोका या निष्क्रिय किया जा चुका है। सभी 24 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। उन्हें मेडिकल जांच के बाद देश भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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