Monsoon Break: देश के कई हिस्सों में तेज बारिश के बाद अचानक मौसम ने करवट ली है। उत्तर-पश्चिम, मध्य और दक्षिण भारत में बारिश लगभग थम सी गई है। मौसम विशेषज्ञ इसे ‘मानसून ब्रेक’ बता रहे हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 6 से 7 दिनों तक इन इलाकों में बारिश की गतिविधियां काफी कम रहने वाली हैं।
मानसून ब्रेक क्या है?
मानसून ब्रेक मानसून का एक सामान्य चरण है, जिसमें बारिश अचानक कम हो जाती है। इस दौरान मानसून की मुख्य वर्षा पट्टी (Monsoon Trough) उत्तर की ओर हिमालय की तरफ खिसक जाती है। नतीजतन, उत्तर-पश्चिम, मध्य और दक्षिण भारत में बारिश कम हो जाती है, जबकि पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश जारी रहती है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, जुलाई और अगस्त में यह स्थिति एक-दो बार आना आम बात है लेकिन इस बार यह थोड़ी जल्दी आ गई है।
क्यों थमी बारिश?
बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र कमजोर पड़ गया है फिलहाल कोई नया मजबूत सिस्टम नहीं बन रहा है। मानसून ट्रफ उत्तर की ओर शिफ्ट हो गई है। पश्चिमी सूखी हवाएं अंदर तक आ रही हैं। सैटेलाइट तस्वीरों में भी पश्चिमी घाट, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बादलों की कमी साफ दिख रही है।
किन राज्यों में सबसे ज्यादा असर?
दिल्ली-एनसीआर
पंजाब
हरियाणा
राजस्थान
पश्चिमी उत्तर प्रदेश
मध्य प्रदेश
महाराष्ट्र (कुछ हिस्से)
गुजरात
दक्षिण भारत के कई राज्य
इन राज्यों में पूर्वोत्तर भारत, बिहार, पश्चिम बंगाल और हिमालय क्षेत्र में अच्छी बारिश जारी रहने की संभावना है।
गर्मी और उमस बढ़ेगी, किसानों के लिए चिंता
बारिश कम होने से तापमान बढ़ सकता है। दिल्ली-एनसीआर में अधिकतम तापमान 37-38 डिग्री तक पहुंचने की उम्मीद है। हवा में नमी बनी रहने से उमस बढ़ेगी, जिससे मौसम और भी चिपचिपा और परेशान करने वाला लगेगा। यह समय खरीफ फसलों (धान, सोयाबीन, मक्का, कपास आदि) की बुआई और शुरुआती विकास का होता है। बारिश की कमी से फसलों पर असर पड़ सकता है। विशेषकर राजस्थान, महाराष्ट्र, तेलंगाना और उत्तर कर्नाटक में चिंता ज्यादा है।
कब लौटेगी बारिश?
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि 19-20 जुलाई के आसपास मानसून फिर से सक्रिय हो सकता है तब उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में एक बार फिर अच्छी बारिश शुरू होने की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश अब तक 3% कम बारिश, उत्तर प्रदेश अब तक 19% कम बारिश, छत्तीसगढ़ 26% कम बारिश, राजस्थान कई जगहों पर 24 घंटे में शून्य बारिश, तापमान 41°C के पार पहुंचा। जबकि पूर्वोत्तर में भारी बारिश से बाढ़ और लैंडस्लाइड की स्थिति बनी हुई है।









