मोहम्मद दीपक के साथ खड़े हुए सुप्रीम कोर्ट के वकील, जिम मेंबरशिप और मुफ्त कानूनी मदद

February 14, 2026 11:45 AM

Mohammad Deepak: उत्तराखंड के कोटद्वार में एक साधारण जिम मालिक दीपक कुमार अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन गए हैं। 26 जनवरी को उन्होंने एक 70 वर्षीय मुस्लिम दुकानदार वकील अहमद जिनकी दुकान का नाम ‘बाबा’ था, हिन्दू संगठनों के विरोध प्रदर्शन से बचाया था। विरोध के दौरान दीपक ने खुद को ‘मोहम्मद दीपक’ बताकर प्रदर्शनकारियों को रोका और कहा कि भारत में हर किसी को सम्मान से रहने का हक है। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें सराहना मिली लेकिन कुछ लोगों की ओर से धमकियां और बहिष्कार भी झेलना पड़ा।

इस विवाद के कारण उनके ‘हल्क’ जिम में सदस्यों की संख्या 150 से घटकर महज 12-15 रह गई। जिम का मासिक किराया 40 हजार रुपये और घर का लोन चुकाने में दीपक को मुश्किल हो रही थी। उनका कारोबार लगभग ठप हो गया था। लेकिन अब अच्छी खबर आयी है, सुप्रीम कोर्ट के करीब 12-15 वरिष्ठ वकीलों ने एकजुट होकर उनकी मदद की है। वकीलों ने 10-10 हजार रुपये देकर एक साल की जिम सदस्यता ली है।

यह पहल सीपीआई(एम) के सांसद जॉन ब्रिटास से प्रेरित है, जिन्होंने पहले कोटद्वार जाकर दीपक से मुलाकात की और जिम की सदस्यता ली। वकीलों ने कहा कि यह योगदान सीधे दीपक को नहीं, बल्कि उन स्थानीय युवाओं के लिए इस्तेमाल होगा जो जिम फीस नहीं दे पाते। सदस्यता कार्ड उन्हीं के नाम पर जारी किए जाएंगे।

साथ ही, दीपक को मुफ्त कानूनी सहायता देने की भी पेशकश की गई है। जॉन ब्रिटास ने दीपक को ‘समाज में नफरत के खिलाफ उम्मीद की किरण’ बताया और कहा कि उनका साहसिक कदम संवैधानिक मूल्यों की याद दिलाता है।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 5 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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