रायपुर। छत्तीसगढ़ में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के बाद मतदाता सूची में करीब 25 लाख वोटरों की कमी को लेकर पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर (Mohammad Akbar) ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच कुल मतों का अंतर 6 लाख 32 हजार 382 था, जबकि SIR के बाद मतदाता संख्या में आई कमी इस अंतर की करीब चार गुना है।
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक SIR से पहले छत्तीसगढ़ में 2 करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 मतदाता थे। अंतिम मतदाता सूची में यह संख्या घटकर 1 करोड़ 87 लाख 30 हजार 914 हो गई। यानी कुल 24 लाख 99 हजार 823 मतदाताओं की कमी दर्ज हुई।
मोहम्मद अकबर ने इसी आंकड़े को 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच वोटों के अंतर से जोड़ते हुए मतदाता सूची की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
मोहम्मद अकबर ने कहा कि 2023 में दोनों प्रमुख दलों के कुल मतों के बीच अंतर 6 लाख 32 हजार 382 वोट, यानी करीब 4.04 प्रतिशत था। इसके मुकाबले SIR के बाद मतदाता संख्या में दर्ज 24 लाख 99 हजार 823 की कमी करीब चार गुना बैठती है।
अकबर बोले- व्यक्तिगत स्तर पर हो समीक्षा
मोहम्मद अकबर ने कहा कि स्थान बदलने या अनुपस्थित रहने वाली श्रेणी में शामिल मतदाताओं में ऐसे लोग भी हो सकते हैं जो रोजगार, शिक्षा, कामकाज या दूसरे कारणों से अपने पंजीकृत पते पर मौजूद नहीं थे। ऐसे में केवल किसी समय घर पर नहीं मिलने या गणना पपत्र प्राप्त नहीं होने के आधार पर किसी व्यक्ति को स्थायी रूप से अनुपस्थित या मतदाता के रूप में अपात्र मानना उचित नहीं होगा।
पूर्व मंत्री ने निर्वाचन आयोग से मांग की है कि ऐसी श्रेणी में चिह्नित मतदाताओं की व्यक्तिगत स्तर पर समीक्षा की जाए।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों को नियमानुसार नोटिस या अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं मिला, उन्हें पर्याप्त मौका दिया जाना चाहिए। जांच और सुनवाई के बाद पात्र पाए जाने वाले मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में दोबारा जोड़ने की कार्रवाई होनी चाहिए।
मोहम्मद अकबर ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक पात्र नागरिक का मताधिकार सुरक्षित रखना निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से पूरे मामले में आवश्यक समीक्षा और कार्रवाई की मांग की है, ताकि छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची को लेकर पारदर्शिता और पात्र मतदाताओं के अधिकार सुनिश्चित किए जा सकें।
19.13 लाख मतदाताओं ने स्थान बदला या अनुपस्थित रहे
SIR के दौरान छत्तीसगढ़ में 19 लाख 13 हजार 540 मतदाताओं ने स्थान बदला या अनुपस्थित रहने वाली श्रेणी में रखा गया था।
निर्वाचन आयोग के मुताबिक BLO को ये मतदाता अपने पते पर नहीं मिले या उनके गणना प्रपत्र वापस नहीं मिले। आयोग ने इसके संभावित कारणों में दूसरे राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में मतदाता बन जाना, घर पर मौजूद नहीं होना या तय समय तक फॉर्म जमा नहीं करना बताए थे।
आयोग ने यह भी कहा था कि वास्तविक पात्र मतदाता दावा आपत्ति की प्रक्रिया के दौरान अपना नाम दोबारा जुड़वा सकते हैं।










