जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कटनी से भाजपा विधायक संजय पाठक के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के आदेश दे दिए हैं। विधायक पाठक पर आरोप है कि उन्होंने खनन मामले में सुनवाई कर रहे जज को प्रभावित करने के लिए फोन किया था।
यह मामला तब सुर्खियों में आया जब जस्टिस विशाल मिश्रा ने इस केस की सुनवाई से खुद को यह कहते हुए अलग कर लिया कि याचिकाकर्ता के पिता संजय पाठक ने उन्हें फोन कर मामले के बारे में बात करने की कोशिश की थी।
जज को कॉल करने के मामले में हाईकोर्ट सख्त
लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने गुरुवार को अपनी रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि वह विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र से BJP विधायक संजय पाठक के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेते हुए आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू करें।
बेंच ने इस आपराधिक अवमानना याचिका को 06.04.2026 को कोर्ट के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही नोटिस जारी किया और पूछा है कि उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई क्यों न की जाए।
440 करोड़ के अवैध खनन का है मामला
जानकारी के मुताबिक यह 440 करोड़ रुपये के अवैध लौह अयस्क खनन के मामले में कथित GST चोरी के लिए 80 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। जिन कंपनियों पर संदेह है- निर्मला मिनरल्स, आनंद माइनिंग और पैसिफिक एक्सपोर्ट – उनका कथित तौर पर BJP विधायक से संबंध है।
वर्तमान याचिका में खंडपीठ ने यह टिप्पणी की कि पाठक का आचरण प्रथम दृष्टया आपराधिक अवमानना की श्रेणी में आता है। तदनुसार, इस याचिका का निपटारा करते हुए रजिस्ट्री को यह निर्देश दिया गया कि वह स्वतः संज्ञान लेते हुए एक आपराधिक अवमानना याचिका दर्ज करे।
मां बेटे को बचाने की कोशिश
निर्मला मिनरल्स के डायरेक्टरों में विधायक संजय पाठक की मां निर्मला पाठक और बेटा यश पाठक शामिल हैं। इन्हीं को कानूनी शिकंजे से बचाने के लिए मध्यप्रदेश के रहीस विधायकों में जाने जाने वाले संजय पाठक ने कथित तौर पर न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप की कोशिश की थी।











