ममता बनर्जी अभिजीत दीपके की हिरासत पर बोलीं ‘अघोषित इमरजेंसी… फासीवादी शासन’

Mamata Banerjee

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने शुक्रवार को दिल्ली पुलिस द्वारा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को हिरासत में लिए जाने पर तीखा हमला बोला है। अपने आधिकारिक एक्स हैंडल @MamataOfficial पर पोस्ट करते हुए ममता बनर्जी ने लिखा:

“WHAT IS DELHI POLICE UP TO? Abhijeet Dipke has been detained for holding the Indian National Flag. Let that sink in. In Independent India, our youth are being detained for peacefully asserting their democratic rights. This is nothing short of an undeclared Emergency. A government that fears dissent is now trying to intimidate an entire generation into silence. This is the conduct of a fascist regime that cannot tolerate a voice it cannot control. Abhijeet, Ashutosh, Saurav you represent the courage, conscience and aspirations of India’s youth. You cannot silence an entire generation by suppressing its voice. Your Didi stands firmly with you. No intimidation, no detention and no abuse of power can crush the spirit of democracy.
WAKE UP, INDIA! The fight for democracy, freedom and the right to dissent will continue.”

ममता बनर्जी ने इस पोस्ट में स्पष्ट रूप से कहा कि अभिजीत दीपके को सिर्फ तिरंगा हाथ में लेकर हिरासत में लिया गया है। उन्होंने इसे स्वतंत्र भारत में युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया और केंद्र सरकार पर ‘अघोषित इमरजेंसी’ तथा ‘फासीवादी शासन’ चलाने का आरोप लगाया।

उन्होंने अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास का नाम लेकर कहा कि ये तीनों भारत के युवाओं के साहस, विवेक और आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। दीदी ने इनके साथ खड़े होने का ऐलान करते हुए कहा कि कोई भी धमकी, हिरासत या सत्ता का दुरुपयोग लोकतंत्र की भावना को नहीं कुचल सकता।

अभिजीत दीपके को शुक्रवार दोपहर दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ कार्यक्रम से ठीक पहले प्रिवेंटिव डिटेंशन में लिया था। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू थे और कार्यक्रम की अनुमति नहीं ली गई थी। दीपके के कंधे पर तिरंगा लपटा हुआ था। यह घटना CJP के वोटर लिस्ट SIR विवाद और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग वाले आंदोलन के बीच हुई है। इससे पहले 10 अक्टूबर को भी दीपके समेत तीनों नेताओं को एयरपोर्ट से हिरासत में लिया गया था।

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