सीहोर। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh)के सीहोर जिले में बुधनी विधानसभा क्षेत्र के कोसमी गांव में वन विभाग ने 12 आदिवासी परिवार के मकानों को जमींदोज कर दिया, फसलों को कुचल कर तबाह कर दिया,कुएं को मिट्टी डालकर पाट दिया गया। अब इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान कार्रवाई को लेकर अपनी सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि मेरे क्षेत्र में अन्याय की इंतहा हो गई।
दरअसल, सीहोर के बुधनी विधानसभा क्षेत्र के कोसमी गाँव में रविवार को वन विकास निगम ने अतिक्रमणरोधी अभियान चलाया। इस दौरान बारेला आदिवासी समुदाय के 12 परिवारों के घर बुलडोजर से तोड़ दिए गए। कुएं को मिट्टी डालकर भर दिया गया। मक्का और तुअर की फसल को ट्रैक्टर से रौंद दिया गया।

20 वर्षों से रह रहें हैं आदिवासी
ग्रामीणों का कहना है कि यहां आदिवासी परिवार 20 वर्ष से रह रहे थे। रविवार को वन विकास निगम की रेंजर जया यादव के नेतृत्व में पहुंचे वन अमले ने तोड़फोड़ की कार्रवाई की। देर शाम केंद्रीय मंत्री शिवराज वहां पहुंचे तो प्रभावित लोग उनसे लिपट कर रोने लगे। उन्होंने ढांढस बंधाते हुए कहा कि जिनके घर तोड़े गए हैं, उन सबके लिए पक्के नए मकान बनवाए जाएंगे। नए घर तैयार नहीं हो जाते, तब तक प्रभावित परिवारों के रहने और भोजन का पूरा प्रबंध कराया जाएगा।
पहले भी दिए गए थे घरों को ना तोड़ने के निर्देश
जानकारी के मुताबिक कोसमी गांव शिवराज सिंह चौहान के संसदीय क्षेत्र विदिशा और विधानसभा क्षेत्र बुधनी में आता है। जानकारी के मुताबिक, करीब एक साल पहले शिवराज ने जिला प्रशासन के अधिकारियों से बात कर आदिवासियों के घर नहीं गिराने के निर्देश दिए थे। उनकी शिकायत पर सीहोर के तत्कालीन डीएफओ मगन सिंह डाबर को हटाया भी गया था। इसके बावजूद रविवार को वन विकास निगम ने कार्रवाई की। घर नहीं तोड़ने के निर्देश संबंधी शिवराज का बयान 2025 का बताया गया है।
जुल्म– अन्याय की इंतहा हो गई– शिवराज
शिवराज ने मुख्य सचिव अनुराग जैन को फोन करके नाराजगी जताई। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को भी इसकी जानकारी दी। कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी बात करके कार्रवाई कराएंगे। क्षेत्रीय विधायक रमाकांत भार्गव ने भी कड़ी नाराजगी जताई।
शिवराज ने कहा कि लोगों के वर्षों पुराने घर गिरा दिए गए, फसलें कुचल दी गईं और कुएं तक पूर दिए गए। लोगों की मेहनत को कुचल दिया गया। उन्होंने इस कार्रवाई को शर्मनाक बताते हुए कहा कि ऐसा करने वाले इतने हृदयहीन और संवेदनहीन हैं कि उन्हें ईश्वर भी माफ नहीं करेगा।
मौके पर वन विकास निगम और प्रशासन के किसी बड़े अधिकारी के मौजूद नहीं होने पर भी शिवराज ने नाराजगी जताई। उन्होंने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को फोन कर मामले की जानकारी दी।
प्रभावित परिवारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि गरीबों को बेघर करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करने और भविष्य में ऐसी घटना न हो, इसके लिए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस ने सीएम को घेरा
कांग्रेस ने भी कार्रवाई का विरोध किया है। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के क्षेत्र में आदिवासियों के घर गिराए जा रहे हैं। यह मुख्यमंत्री के निर्देश पर हो रहा है। इस राजनीति में आम आदिवासी पिस रहा है। गरीब आदिवासी इसकी कीमत नहीं चुकाएंगे। कांग्रेस आदिवासी अधिकारों की लड़ाई जमीन पर लड़ेगी। मोहन सरकार को जवाब देना होगा।











