नई दिल्ली। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) की नेता एनी राजा ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के एक विवादित वीडियो खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, जिसमें उन्होंने एक विशेष समुदाय को निशाना बनाकर प्वाइंट ब्लैक रेंज से गोलियां दागी थी
इस मामले में CPI(M) और एनी राजा ने अलग-अलग रिट याचिकाएँ दायर की हैं। दोनों ही याचिकाओं में मुख्यमंत्री के खिलाफ FIR दर्ज करने, नफरत भरे भाषण और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण से संबंधित अपराधों की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित करने की मांग है। याचिका में कहा गया है कि राज्य और केंद्रीय एजेंसियाँ निष्पक्ष जांच नहीं कर सकतीं।
याचिका में हाल ही में आए एक वीडियो का जिक्र है, जिसमें मुख्यमंत्री को एक विशेष समुदाय के लोगों को गोली मारते दिखाया गया था। जिसे असम भाजपा के खाते से साझा भी किया गया था। याचिका में 2021 से फरवरी 2026 तक के बयानों की समय-रेखा दी गई है, जिसमें कथित तौर पर बंगाली मूल के मुस्लिमों को सामाजिक, आर्थिक और नागरिक अधिकारों से वंचित करने की बात कही गई, जैसे रोजगार, परिवहन, जमीन और मतदान के अधिकार से वंचित करना।
याचिका में तर्क दिया गया है कि ये बयान अवैध प्रवास को मुस्लिम पहचान से जोड़ते हैं, जबकि NRC डेटा में ज्यादातर गैर-मुस्लिम बाहर हुए थे, जो सांप्रदायिक इरादे को दर्शाता है।यह संवैधानिक शपथ व संविधान, संप्रभुता, अखंडता, भाईचारा और समानता बनाए रखने का उल्लंघन है। जो भारतीय न्याय संहिता, 2023 और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत अपराध बताए गए हैं।
अधिवक्ता निजाम पाशा ने मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत के समक्ष मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने के लिए रखा। CJI सूर्यकांत ने कहा कि चुनाव के कारण सुप्रीम कोर्ट में राजनीतिक मामले आते हैं, और अदालत तारीख देगी।
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