रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा पर आरोप लगाया है कि उन्होंने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर गलत जानकारी दी है। डॉ. महंत ने कहा कि विजय शर्मा का यह कहना कि एक जज की टिप्पणी के कारण मंत्री का इस्तीफा हुआ, सच्चाई से परे है।
डॉ. महंत ने मंगलवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि धर्मेंद्र प्रधान किसी जज के शब्दों की वजह से नहीं गए। उन्हें इसलिए इस्तीफा देना पड़ा क्योंकि NEET समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, भ्रष्टाचार और परीक्षा माफिया की वजह से पूरे देश का विश्वास टूट गया था। लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ, परिवार सड़कों पर उतरे और व्यापक जनाक्रोश के बाद सरकार को शिक्षा मंत्री को हटाना पड़ा।
उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन न्यायपालिका के खिलाफ नहीं था। मुख्य न्यायाधीश के “कॉकरोच” शब्द के जवाब में छात्रों ने व्यंग्य में अपने आंदोलन का नाम “कॉकरोच जनता पार्टी” रखा था। उनका निशाना शिक्षा व्यवस्था में फैला भ्रष्टाचार और सरकार की जवाबदेही था।
पैलेट फायरिंग के दावे पर भी सवाल
डॉ. महंत ने विजय शर्मा की उस चुनौती का जवाब दिया जिसमें उन्होंने राहुल गांधी से पैलेट फायरिंग का सबूत मांगा था। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सूचना के अधिकार के तहत दिल्ली के सरकारी अस्पतालों ने लिखित में बताया है कि जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान पैलेट से घायल प्रदर्शनकारियों का इलाज किया गया। पहले पुलिस ने पैलेट चलाने से इनकार किया, लेकिन संसद मार्ग थाने की जनरल डायरी में रैपिड एक्शन फोर्स द्वारा एंटी-रायट गन से राउंड फायर करने का जिक्र मिला।
उन्होंने विजय शर्मा से पूछा कि क्या वे सरकारी अस्पतालों और थाने के रिकॉर्ड को झूठा मानते हैं।
अन्य आरोप
डॉ. महंत ने कहा कि विजय शर्मा की प्रेस कॉन्फ्रेंस विरोधाभासों से भरी थी। एक तरफ वे युवाओं के विरोध को स्वागत योग्य बताते हैं, दूसरी तरफ उसी आंदोलन को राहुल गांधी से जोड़कर अराजकता और पड़ोसी देशों जैसे हालात पैदा करने की साजिश बताते हैं।
उन्होंने भाजपा सांसद कंगना रनौत द्वारा युवाओं को “जेनरेशन गटर” कहे जाने और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े टी.जी. मोहनदास के बयान का भी जिक्र किया। डॉ. महंत के अनुसार मोहनदास ने प्रदर्शन कर रही छात्राओं पर गोली चलाने और सेक्युलर-वामपंथी महिलाओं के बारे में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था। उन्होंने विजय शर्मा से पूछा कि क्या वे इन बयानों की निंदा करते हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जो लोग शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही बेटियों पर स्याही फेंकते हैं, उन्हें अपशब्द कहते हैं और फिर लोकतंत्र का पाठ पढ़ाते हैं, उन्हें पहले खुद को देखना चाहिए। यह बयान छत्तीसगढ़ विधानसभा नेता प्रतिपक्ष के मीडिया विभाग से जारी किया गया है।










