नई दिल्ली। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल (Brijmohan Agrawal) ने बुधवार को लोकसभा में छत्तीसगढ़ में भारतनेट परियोजना की प्रगति और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी को और मजबूत करने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि गांवों तक इंटरनेट की पहुंच केवल कनेक्टिविटी का विषय नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रोजगार के नए अवसरों से जुड़ा है।
संचार मंत्रालय की ओर से दिए गए जवाब के अनुसार, 30 जून 2026 तक छत्तीसगढ़ को भारतनेट फेज-1, फेज-2 और संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के तहत कुल 2,757 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता जारी की गई है। इसमें फेज-1 के लिए 560 करोड़, फेज-2 के लिए 2,065 करोड़ और संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के लिए 132 करोड़ रुपये शामिल हैं।
मंत्रालय के मुताबिक, भारतनेट फेज-1 और फेज-2 के तहत छत्तीसगढ़ की 9,681 ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) से जोड़ा जा चुका है। इनमें से 833 ग्राम पंचायतों में कनेक्टिविटी सेवा वर्तमान में संचालित है।
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया अभियान ने ग्रामीण भारत के लिए नई संभावनाएं खोली हैं। अब जरूरत उन पंचायतों में सेवाओं के संचालन को तेज करने की है, जहां कनेक्टिविटी का बुनियादी ढांचा तैयार हो चुका है।
उन्होंने कहा कि बेहतर इंटरनेट सुविधा से ग्रामीण बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा, मरीजों को टेलीमेडिसिन, किसानों को कृषि संबंधी जानकारी और युवाओं को डिजिटल रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। साथ ही ग्रामीण नागरिकों को सरकारी सेवाओं तक आसान पहुंच मिलेगी।
उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से भारतनेट के जरिए छत्तीसगढ़ के हर गांव और पंचायत तक डिजिटल सुविधाओं का विस्तार तेजी से होगा।









