जानिए महिलाओं के लिए कितनी सुरक्षित है HPV वैक्सीन?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 फरवरी 2026 को राजस्थान के अजमेर से HPV वैक्सीन का राष्ट्रव्यापी अभियान लॉन्च किया। यह अभियान सर्वाइकल कैंसर से महिलाओं की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भारत में महिलाओं में दूसरा सबसे आम कैंसर है। हर साल लगभग 1.25 लाख नए मामले सामने आते हैं और 80,000 से अधिक मौतें होती हैं। यह वैक्सीन HPV वायरस से सुरक्षा प्रदान करती है, जो मुख्य रूप से यौन संपर्क से फैलता है और सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण है।

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यह 90 दिनों का विशेष अभियान मार्च 2026 से जून तक चलेगा, जिसमें मुख्य रूप से 14 वर्ष की लड़कियों (जो 15 वर्ष पूर्ण करने से 90 दिन पहले हों) को टारगेट किया गया है। सिंगल डोज इंट्रामस्कुलर इंजेक्शन सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों (PHC, CHC, जिला अस्पताल) पर मुफ्त उपलब्ध है। अभियान में माता-पिता की सहमति अनिवार्य है और U-WIN ऐप के माध्यम से ट्रैकिंग की जाएगी। हर साल करीब 1.15 करोड़ लड़कियां कवर होंगी।

WHO और वैश्विक अध्ययनों के अनुसार, HPV वैक्सीन अत्यंत सुरक्षित है और 9-14 वर्ष की उम्र में लगने पर 93-100% प्रभावी होती है। पिछले विवादों (2009 PATH प्रोजेक्ट में हुई मौतें) की जांचों में वैक्सीन से कोई संबंध नहीं पाया गया, मौतें अन्य कारणों (जैसे सुसाइड, सांप काटना, मलेरिया) से हुईं थीं। संसदीय समितियों ने प्रक्रियागत कमियों पर ध्यान दिया, लेकिन वैक्सीन की सुरक्षा पर कोई सवाल नहीं उठाया। वर्तमान अभियान में पारदर्शिता, सहमति और डिजिटल ट्रैकिंग से इन कमियों को दूर करने का दावा किया गया है जो लाखों भारतीय लड़कियों की जिंदगी बचाने में मददगार साबित हो सकता है।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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