भाजपा पर क्‍यों भारी पड़ी काशीनाथ चौधरी की सदस्‍यता, लोग याद दिलाने लगे पालघर साधु हत्याकांड

Kashinath Choudhary Palghar

मुंबई। महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों के ठीक पहले बीजेपी ने ऐसा काम कर दिया कि उसकी आलोचना होने लगी। आखिर में बीजेपी को अपन फैसला वापस लेना पड़ा।

पालघर जिले की इकाई ने जिस काशीनाथ चौधरी को धूमधाम से पार्टी में शामिल किया था उसे महज एक दिन के अंदर ही बाहर का रास्ता दिखा दिया। स्वागत का जश्‍न ठंडा भी नहीं हो पाया कि प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने उनकी सदस्यता तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी।

दरअसल पालघर जिला बीजेपी ने दहानू क्षेत्र में शरद पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को जोरदार झटका देने के इरादे से पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष काशीनाथ चौधरी को 16 नवंबर को अपने साथ मिला लिया था। जिला अध्यक्ष भरत राजपूत, सांसद हेमंत सावरा और प्रकाश निकम ने इसके लिए खास मेहनत की थी।

समारोह में विधायक हरिश्चंद्र भोये, वरिष्ठ नेता बाबाजी कथोले, पूर्व उपाध्यक्ष पंकज कोरे समेत कई लोग मौजूद थे। बीजेपी नेताओं का दावा था कि चौधरी के आने से ग्रामीण क्षेत्रों में पार्टी का जनाधार और मजबूत हो गया है।

लेकिन जैसे ही यह खबर बाहर आई कि जिन काशीनाथ चौधरी को बीजेपी ने शामिल किया है वही 2020 के पालघर साधु हत्याकांड के मौके पर घटनास्थल पर मौजूद थे और उस मामले में आरोपी भी हैं तो सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हंगामा मच गया। बीजेपी पर सवाल उठने लगे कि जिस घटना को वह सालों से राजनीतिक हथियार बनाकर चल रही थी उसी मामले के एक कथित संदिग्ध को उसने पार्टी में ले लिया।

नुकसान का अंदाजा लगते ही प्रदेश नेतृत्व ने तुरंत कार्रवाई की। रवींद्र चव्हाण ने पालघर जिला अध्यक्ष को पत्र लिखकर चौधरी की सदस्यता रद्द करने का आदेश दिया। इस तरह सिर्फ 24 घंटे में काशीनाथ चौधरी का बीजेपी सफर शुरू होने से पहले ही खत्म हो गया।

गौरतलब है कि 16 अप्रैल 2020 को लॉकडाउन के दौरान सूरत जा रहे दो साधुओं चिन्मयानंद और सुशील गिरी महाराज और उनके ड्राइवर को गढ़चिंचले गांव में भीड़ ने पीट पीटकर मार डाला था। उस समय महाविकास अघाड़ी की सरकार थी और बीजेपी ने इस घटना को लेकर उद्धव ठाकरे सरकार पर जमकर हमले किए थे।

पार्टी ने आरोप लगाया था कि भीड़ को राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ था और काशीनाथ चौधरी उसमें शामिल थे। बीजेपी ने सीबीआई जांच की मांग को लेकर मुंबई से पालघर तक जन आक्रोश यात्रा भी निकाली थी। अब उसी व्यक्ति को पार्टी में लेने की भूल सुधारते हुए बीजेपी ने फुर्ती से दूरी बना ली।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now