कर्नाटक बजट:बेंगलुरु को मिले 7 हजार करोड़ रूपये, सभी फिल्में 200 रुपये के फिक्स्ड प्राइस में

March 7, 2025 4:13 PM

बेंगलुरु। कर्नाटक आज कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने 2025-26 का बजट पेश किया है, जो कि राज्य के लिए कई अहम फैसलों को लेकर चर्चा में है। इस साल कर्नाटक राज्य का बजट 4.08 लाख करोड़ रुपये से अधिक (लगभग 4,08,647 करोड़ रुपये) का है। यह राज्य की आर्थिक ग्रोथ और जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। अभी तक मिले अपडेट में बजट के कुछ महत्वपूर्ण फैसले सामने आये है।

बेंगलुरु शहर के लिए सालाना ग्रांट को 3,000 करोड़ से बढ़ाकर 7,000 करोड़ रुपये किया गया है। शहर में ट्रैफिक की समस्या से निपटने के लिए 40.5 किमी लंबा डबल डेकर फ्लाईओवर बनाया जाएगा, जिसकी लागत 8,916 करोड़ रुपये होगी। यह नम्मा मेट्रो फेज-3 के साथ जुड़ा होगा। यह बजट बेंगलुरु की ट्रैफिक समस्या, अल्पसंख्यक कल्याण, और सांस्कृतिक विकास पर फोकस करता दिखता है, लेकिन कुछ सवाल भी उठ रहे हैं। क्या 7,000 करोड़ रुपये बेंगलुरु की बढ़ती आबादी और ट्रैफिक के लिए काफी होंगे? ये सवाल सोशल मीडिया के माध्यम से उठाये जा रहें हैं।


नॉर्थ-साउथ और ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर प्रोजेक्ट्स के लिए बीबीएमपी को 19,000 करोड़ रुपये की गारंटी दी गई है, कुल लागत 40,000 करोड़ रुपये होगी। नहर बफर जोन का इस्तेमाल करके 300 किमी सड़क नेटवर्क बनाने के लिए 3,000 करोड़ रुपये का प्रावधान।

अल्पसंख्यक समुदायों के लिए कदम

मदरसों में स्मार्ट क्लास शुरू की जाएंगी, जिसमें कंप्यूटर, स्मार्ट बोर्ड और बेसिक सुविधाएं दी जाएंगी। इससे छात्र नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग के जरिए SSLC परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे। अल्पसंख्यक छात्रों की 50% फीस वापस की जाएगी। अल्पसंख्यक कॉलोनियों के विकास के लिए 1,000 करोड़ रुपये का एक्शन प्लान लाया गया है।

सांस्कृतिक और पर्यटन विकास:
सन्नति (कलाबुर्गी जिला) में सन्नति डेवलपमेंट अथॉरिटी बनाई जाएगी। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 10 जगहों पर केबल कार रोपवे लगाए जाएंगे, जो पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर होंगे। सिनेमा को बढ़ावा देने के लिए फिल्म सिटी, टिकट की कीमतों पर लगाम, और कन्नड़ फिल्मों के लिए ओटीटी प्लेटफॉर्म की शुरुआत। महिलाओं के लिए 86,423 करोड़ रुपये और सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 5 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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