नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक बुजुर्ग पत्रकार राजेश अवस्थी ने शुक्रवार को आर्थिक बेबसी में आत्महत्या (journalist suicide) कर ली। मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के माधवपुरम सेक्टर एक में एक बरगद के पेड़ के पास उनका शव मिला।
मीडिया में आई खबरों के मुताबिक 66 वर्षीय राजेश अवस्थी के शव के पास ही पानी की एक बोतल और सल्फास की गोलियां पड़ी हुई थीं। पुलिस ने मीडिया को बताया है कि उनके शव के नजदीक ही एक सुसाइड नोट मिला। इसमें राजेश अवस्थी ने अपने परिवार को अच्छा बताया और लिखा कि वह उनके लिए कुछ नहीं कर पाए। उन्होंने अपनी मौत के लिए खुद को जिम्मेदार बताया।
राजेश अवस्थी के आत्महत्या की खबर के सामने आते ही उन्हें जानने वाले अनेक पत्रकारों ने सोशल मीडिया पर भी कई पोस्ट लिखी हैं, जिनसे पता चलता है कि वे पिछले काफी समय से आर्थिक मुश्किलों का सामना कर रहे थे।
बताया जाता है कि राजेश अवस्थी ने अमर उजाला और जागरण जैसे दैनिक अखबारों में भी काम किया था। उनके साथ काम कर चुके एक पत्रकार ने द लेंस को बताया कि राजेश अवस्थी बेहद संजीदा और सरल व्यक्ति थे। 2008 की वैश्विक मंदी के दौरान दैनिक जागरण में हुई छंटनी के समय उनकी भी नौकरी चली गई थी। उसके बाद वह डीएलए अखबार से जुड़ गए थे, लेकिन वहां नौकरी लंबी नहीं चली।
राजेश अवस्थी लंबे समय से बेरोजगार थे। उनके साथ काम कर चुके एक अन्य पत्रकार हरेंद्र मोराल उन्हें याद करते हुए द लेंस से कहा कि राजेश अवस्थी में यह छटपटहाट थी कि वे पत्रकारिता में जिस तरह का काम करना चाहते थे, वैसे मौके उन्हें नहीं मिले। सोचिए कितनी कसक रही होगी उस व्यक्ति के दिल में जो अपने जीते जी कुछ करके खुद को साबित करना चाहता था, लेकिन परिस्थितियां कभी उसके अनुकूल नहीं हो पाईं।
राजेश अवस्थी से परिचित एक अन्य पत्रकार ने द लेंस को बताया कि वे पिछले कई महीने से काफी परेशान थे और लगभग भीतर से टूट गए थे।
राजेश अवस्थी के परिवार में उनका बेटा और उनकी पत्नी है। उन्होंने बेटी की शादी कर दी थी। शुक्रवार को उनकी पत्नी अपनी बेटी के पास गई हुई थी।
राजेश अवस्थी ने सुसाइड नोट में अंगदान की इच्छा भी जताई थी। पुलिस के मुताबिक उनके जीवित रहते औपचारिकताएं पूरी नहीं होने के कारण अंगदान नहीं हो सका।











