जम्मू-कश्मीर ने रचा इतिहास, पहली बार पहुंचा रणजी ट्रॉफी फाइनल्स में

February 19, 2026 2:03 PM

लेंस स्पोर्ट्स डेस्क। रणजी ट्रॉफी Ranji Trophy 2025-26 के सेमीफाइनल में जम्मू-कश्मीर ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने बंगाल को 6 विकेट से हराकर पहली बार फाइनल में जगह बनाई है। यह मैच 15 फरवरी से पश्चिम बंगाल के कल्याणी में बंगाल क्रिकेट अकादमी ग्राउंड पर खेला गया और चौथे दिन ही खत्म हो गया।

जम्मू-कश्मीर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। बंगाल ने पहली पारी में सुदीप कुमार घरामी के शानदार 146 रनों की मदद से 328 रन बनाए। जम्मू-कश्मीर के लिए आकिब नबी ने 5 विकेट और सुनील कुमार ने 3 विकेट झटके। जवाब में जम्मू-कश्मीर ने 302 रन बनाए और ऑल आउट हो गई। अब्दुल समद ने 82 और कप्तान पारस डोगरा ने 58 रन बनाए।

बंगाल के मोहम्मद शमी ने कमाल की गेंदबाजी करते हुए 8 विकेट लिए, लेकिन टीम को सिर्फ 26 रनों की बढ़त मिली।दूसरी पारी में जम्मू-कश्मीर के गेंदबाजों ने धमाल मचा दिया। बंगाल महज 99 रन पर ढेर हो गई। आकिब नबी और सुनील कुमार ने 4-4 विकेट लिए। इस तरह लक्ष्य 126 रनों का रहा। चेज में जम्मू-कश्मीर को शुरुआत में झटका लगा और स्कोर 12/2 हो गया लेकिन वंशज शर्मा (नाबाद 43) और अब्दुल समद (नाबाद 30) ने शानदार पार्टनरशिप की। दोनों ने मिलकर टीम को जीत दिलाई। मैच 34.4 ओवर में 6 विकेट से जीता गया। आकिब नबी को उनके हरफनमौला प्रदर्शन (9 विकेट + 42 रन) के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

दूसरे सेमीफाइनल में कर्नाटक ने उत्तराखंड के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन किया। कर्नाटक ने पहली पारी में 736 रन बनाए और दूसरी पारी में दिन के अंत तक 299/6 पर पहुंचकर 802 रनों की बढ़त ले ली। स्मरण रविचंद्रन ने दूसरी सेंचुरी (127) लगाई, जबकि केएल राहुल नाबाद 70 पर हैं। उत्तराखंड पहली पारी में 233 पर सिमट गई। फाइनल में जम्मू-कश्मीर का मुकाबला कर्नाटक या उत्तराखंड से होगा।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 5 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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