नेशनल ब्यूरोनई दिल्ली। सोशल मीडिया पर आज सुबह से एक फर्जी खबर तेजी से वायरल हो रही थी, जिसमें दावा किया गया है कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देशवासियों से अपील की थी कि वे सोना न खरीदें और ‘राष्ट्रीय अनुशासन’ बरतें। इस बात के समर्थन में 6 जून 1967 को ‘द हिंदू’ अखबार की फ्रंट पेज की क्लिपिंग की एक भ्रामक क्लिपिंग का इस्तेमाल किया गया जिसमें श्रीमती इंदिरा गांधी की तस्वीर के साथ हेडलाइन छपी दिखाई दे रही है। भाजपा समर्थक और आईटी सेल से जुड़े अकाउंट्स ने इसे शेयर करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया ‘सोना न खरीदें’ वाली अपील से जोड़कर कांग्रेस पर हमला बोला
द हिन्दू को करना पड़ा खंडन
लेकिन दोपहर में ‘द हिंदू’ ने खुद स्पष्ट कर दिया कि यह क्लिपिंग पूरी तरह डिजिटली एडिटेड और फर्जी है। असली फ्रंट पेज पर 6 जून 1967 को अरब-इजराइल युद्ध की खबर छपी थी, न कि इंदिरा गांधी की कोई ऐसी अपील। दिलचस्प यह है कि इस क्लिपिंग पर पक्ष विपक्ष दोनों प्रतिक्रियाएं दे रहे थे।
यह घटना महज एक घटना नहीं है। यह भाजपा आईटी सेल की हालिया रणनीति का हिस्सा लगती है, जहां ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़कर वर्तमान राजनीति में इस्तेमाल किया जा रहा है। कांग्रेस ने इसे फर्जीवाड़े की फैक्ट्री बताया है। हाल के दिनों में ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं।

एआई समिट पर कांग्रेस का पैसे देने का फर्जी आरोप
फरवरी माह में भाजपा आईटी सेल ने इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर्स का हवाला देकर दावा किया कि कांग्रेस और युवा कांग्रेस ने एआई समिट के खिलाफ बोलने के लिए उन्हें 10-40 हजार रुपये ऑफर किए। इन्फ्लुएंसर्स ने नाम या नंबर देने से इनकार किया। बाद में पता चला कि ये इन्फ्लुएंसर्स खुद भाजपा समर्थक हैं। कांग्रेस ने इसे बीजेपी आईटी सेल की साजिश बताया।

राहुल गांधी पर फेक वीडियो
हाल ही में भाजपा आईटी सेल और कई सांसदों ने राहुल गांधी का एक फेक वीडियो शेयर किया। जिसमें लोकल टीवी चैनल का लोगो और एंकर की आवाज जोड़कर बनाया गया था। कांग्रेस ने इसे एक्सपोज किया और कई बीजेपी लीडर्स ने बिना वेरिफाई किए शेयर कर दिया।
विदेशी मीडिया के नाम पर फर्जी दावा
बीजेपी आईटी सेल ने व्हाट्सएप पर फेक मैसेज वायरल किए, जिसमें दावा था कि विदेशी मीडिया मोदी को देश के लिए लड़ने वाला सैनिक बता रहा है। इसमें जीडीपी ग्रोथ के झूठे आंकड़े भी जोड़े गए। डीएनआर राठी जैसे फैक्ट-चेकर्स ने इसे पूरी तरह फर्जी बताया।
फेक न्यूज क्लिपिंग्स का पैटर्न
2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान इंदिरा गांधी की पुरानी तस्वीरों को जोड़कर सांप्रदायिक दावों के साथ वायरल किया गया था। विश्वास न्यूज ने इसे फर्जी बताया। इसी तरह 2019 में मोदी-इंदिरा की फेक फोटो शेयर की गई थी, जिसमें मोदी को कांग्रेस समर्थक बताया गया।
क्यों आईटी सेल करता है फर्जीवाड़ा
हाल के दिनों में भाजपा आईटी सेल इन फर्जी पोस्ट्स, क्लिपिंग्स और वीडियोज के जरिए दो मुख्य चीजें साबित करने की कोशिश कर रहा है। पहला, कांग्रेस की पुरानी नीतियों को मोदी सरकार की नीतियों से जोड़कर ‘हम भी वही कर रहे हैं’ का नैरेटिव बनाना। इंदिरा गांधी की फर्जी अपील शेयर करके वे मोदी की ‘सोना न खरीदें’ वाली अपील को ऐतिहासिक औचित्य देना चाहते हैं, ताकि विपक्ष की आलोचना को कमजोर किया जा सके। दूसरा, जनता को भ्रमित करके कांग्रेस की छवि खराब करना और अपना वोट बैंक मजबूत करना।









