क्या बिजली बिल हाफ योजना को सरकार समेटने जा रही है?

July 16, 2025 3:59 PM
Bijli Bill Half Yojna

दानिश अनवर। रायपुर

क्या छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री बिजली बिल हाफ योजना पर किसी तरह के पुनर्विचार की संभावना है? क्या इस योजना में किसी तरह की कटौती होने जा रही है? क्या अब राज्य के सभी बिजली उपभोक्ताओं को दो सौ यूनिट तक की बिजली मुफ्त नहीं मिलेगी?

दरअसल मंत्रालय में उच्च स्तर पर इस तरह की चर्चाएं हैं कि इस योजना का जितना लाभ गरीब उपभोक्ताओं को मिलना चाहिए उससे ज्यादा लाभ उन भोक्ताओं को मिल रहा है जो एयरकंडीशनर जैसी विलासिता के साथ जी रहे हैं। अर्थात सम्पन्न तबका सरकार की सब्सिडी का लाभ ज्यादा उठा रहा है।

उल्लेखनीय है कि अभी सरकार की इस योजना का लाभ प्रदेश के सभी साठ लाख से अधिक घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को मिल रहा है। इसके तहत 400 यूनिट तक के बिजली बिल में आधी छूट अर्थात 2 सौ यूनिट की मुफ्त बिजली सभी को मिल जाती है।

सरकारी जानकार दावा करते हैं कि इस मुफ्त बिजली के बिल का भुगतान राज्य सरकार बिजली कंपनी को करती है।यह राशि हजारों करोड़ की होती है और यह सरकारी खजाने पर एक ऐसा भार है जिसका लाभ सम्पन्न तबके को अधिक होता है।

मंत्रालय सूत्रों के अनुसार सरकार में उच्च स्तरों पर यह मंथन हो रहा है कि एक ऐसी योजना जिसका लाभ कथित रूप से सम्पन्न तबके को अधिक हो रहा हो और जिसकी वजह से सरकार गरीबों की अन्य योजनाओं पर समुचित धनराशि खर्च ना कर पाती हो,उस योजना में संशोधन करना उचित होगा।

एक उच्चाधिकारी ने नाम ना देने की शर्त पर बताया कि योजना में ऐसा संशोधन प्रस्तावित है, जिससे 400 यूनिट तक बिजली जलाने वाले उपभोक्ताओं को तो आंशिक सब्सिडी मिले पर इससे अधिक बिजली जलाने वालों को योजना के दायरे से बाहर कर दिया जाए।

हालांकि अभी इस खबर की किसी भी स्तर पर पुष्टि नहीं हुई है लेकिन जानकार सूत्रों का दावा है कि इस प्रस्ताव पर मुहर लग चुकी है बस घोषणा और क्रियान्वयन बाकी है।

thelens.in ने इस खबर की पुष्टि के लिए ऊर्जा विभाग के सचिव और बिजली कंपनी के चेयरमैन डॉ. रोहित यादव और वितरण कंपनी CSPDCL के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर से संपर्क किया। इन दोनों ने ही ऐसे किसी प्रस्ताव की जानकारी होने से इंकार किया।

जानकार सूत्रों का कहना है कि सरकार के स्तर पर एक थ्योरी यह भी चल रही है कि हाफ बिजली बिल योजना में किसी भी तरह की कटौती का सरकार को भारी विरोध का सामना करना पड़ सकता है, भले ही ऐसी कोई कटौती कितनी ही तार्किक बताई जाए।

क्या है सूर्यघर योजना से कनेक्शन ?

एक अन्य जानकार अफसर ने कहा कि यह भी देखा जा रहा है कि हाफ बिजली बिल योजना की वजह से लोग प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इस अफसर के मुताबिक आंकड़ों पर नजर डालें तो हाफ बिजली बिल योजना के मुकाबले सूर्यघर बिजली योजना के लाभार्थी नगण्य ही हैं। बताते हैं कि प्रधानमंत्री सूर्यघर बिजली योजना के अधिकारी इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि जैसे ही सरकार हाफ बिजली योजना में उक्त संशोधन कर देगी वैसे ही सूर्य घर योजना का लाभ लेने के इच्छुक उपभोक्ताओं की संख्या तेजी से बढ़ेगी।

दरअसल सरकार सूर्यघर बिजली योजना को इसलिए बढ़वा देना चाहती है क्योंकि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्लैगशिप योजना है पर छत्तीसगढ़ में इसे वांछित सफलता नहीं मिल पा रही है। इसी वजह से पिछले दिनों छत्तीसगढ़ सरकार ने सूर्य घर योजना का लाभ उठाने वाले उपभोक्ताओं को राज्य से अतिरिक्त सब्सिडी देने की घोषणा की और इसे डबल सब्सिडी योजना के रूप में प्रचारित भी किया जा रहा है।

दिलचस्प है कि सरकार के स्तर पर चल रहे मंथन की खबरें घरेलू सोलर प्लांट वेंडर्स तक पहुंची हैं। ऐसे ही एक वेंडर ने इस बारे में जानकारी दी। साथ ही बताया कि इस समय सोलर पावर प्लांट का काम करने वाले वेंडर्स की संख्या में अचानक इजाफा हुआ है। इन सभी को सरकार के प्रस्तावित फैसले की घोषणा का इंतजार है कि कब हाफ बिजली बिल योजना डाउन हो और कब उनका धंधा अप हो यानि ऊपर उठे।

दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों का अनुभव है। 2022 से दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर के तौर पर काम किया है। इस दौरान स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन खबरें लिखीं। दैनिक भास्‍कर से पहले नवभारत, नईदुनिया, पत्रिका अखबार में 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

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