यूपी कैडर के चर्चित IPS अजय पाल शर्मा मुश्‍किल में, पश्चिम बंगाल में हो गई FIR

IPS Ajay Pal Sharma

लेंस डेस्‍क। IPS Ajay Pal Sharma: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के फलता विधानसभा क्षेत्र में चुनावी घमासान तेज हो गया है। दूसरे चरण के मतदान 29 अप्रैल से ठीक पहले एक स्थानीय महिला ने फलता थाने में चुनाव आयोग के पुलिस ऑब्जर्वर, यूपी कैडर के चर्चित आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा और केंद्रीय सुरक्षा बलों (CRPF) के खिलाफ गंभीर शिकायत दर्ज कराई है।

महिला ने आरोप लगाया कि 27 अप्रैल की देर रात कुछ लोग खुद को CRPF का सदस्य बताकर बिना किसी सर्च वारंट या कानूनी दस्तावेज के उनके घर में जबरन घुस आए। उन्होंने पति को हिरासत में लेने के बहाने घर में दाखिल होकर महिलाओं के साथ मारपीट, धक्का-मुक्की और अश्लील हरकतें कीं। शिकायत में यह भी दावा किया गया कि सुरक्षा बलों ने महिलाओं की गरिमा का उल्लंघन किया और उन्हें एक खास राजनीतिक दल को वोट देने के लिए दबाव डाला। साथ ही धमकी दी कि अगर निर्देश नहीं माना तो 4 मई को वापस आकर भारी नुकसान पहुंचाया जाएगा।

यह शिकायत फलता थाने में दर्ज की गई है, जिसमें आईपीएस अजय पाल शर्मा की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। घटना की सत्यता की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और यह आरोप केवल शिकायतकर्ता के बयान पर आधारित है।

जहांगीर खान पर मतदाता धमकी के आरोप

यह विवाद उस समय और तीखा हो गया जब आईपीएस अजय पाल शर्मा ने फलता से तृणमूल कांग्रेस (TMC) उम्मीदवार जहांगीर खान के खिलाफ मतदाताओं को धमकाने और दबाव बनाने की शिकायतों पर कार्रवाई की। शर्मा ने जहांगीर खान के परिजनों को चेतावनी दी कि अगर किसी मतदाता को धमकाया गया तो सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

एक वायरल वीडियो में शर्मा सख्त लहजे में कहते दिख रहे हैं। जहांगीर खान ने जवाब में कहा कि खेला तुमने शुरू किया है, लेकिन खत्म मैं करूंगा… अगर वो सिंघम हैं तो मैं पुष्पा हूं। TMC कार्यकर्ताओं ने शर्मा और केंद्रीय बलों के खिलाफ प्रदर्शन किया और कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि टीएमसी समर्थकों ने शर्मा की टीम को घेर लिया, जिसके बाद उन्हें क्षेत्र से जाना पड़ा।

जहांगीर खान, जो अब्दुल्ला खान के नाम से भी जाने जाते हैं और टीएमसी के प्रभावशाली नेता अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाते हैं, उन्‍होंने मीडिया खबरों में इन आरोपों को इनकार किया है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और कोर्ट का रुख

TMC ने शर्मा पर BJP एजेंट होने का आरोप लगाया है और उनके खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। कोर्ट ने 29 अप्रैल तक चुनाव ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों के खिलाफ कोई आदेश देने से इनकार कर दिया।

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने भी शर्मा की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। वहीं, भाजपा और चुनाव आयोग का पक्ष है कि शर्मा को फ्री और फेयर पोलिंग सुनिश्चित करने के लिए तैनात किया गया है। अजय पाल शर्मा यूपी में एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में चर्चित रहे हैं और उन्हें सिंघम के नाम से भी जाना जाता है।

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