नई दिल्ली। अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) द्वारा भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते (India US Trade Deal) के ऐलान के साथ जारी एक नक्शे ने ध्यान खींचा है, जिसमें जम्मू-कश्मीर का पूरा क्षेत्र जिसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और अक्साई चिन शामिल हैं को भारतीय क्षेत्र के रूप में दर्शाया गया है।
यह नक्शा यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव के आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में प्रकाशित किया गया था, जिसमें अंतरिम व्यापार व्यवस्था की रूपरेखा और अमेरिकी निर्यातकों के लिए नए बाजार पहुंच के फायदों का उल्लेख था। नक्शे में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख का अक्साई चिन क्षेत्र और अरुणाचल प्रदेश को भारत की सीमाओं के अंदर दिखाया गया है।
यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव ने लिखा है कि ट्री नट्स और ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स से लेकर रेड सोरघम, ताजे और प्रोसेस्ड फलों तक, यूएस-इंडिया समझौता अमेरिकी उत्पादों के लिए नया बाजार पहुंच प्रदान करेगा।”हालांकि नक्शे पर अलग से कोई बयान जारी नहीं किया गया, लेकिन यह चित्रण क्षेत्र में लंबे समय से चले आ रहे क्षेत्रीय विवादों के पृष्ठभूमि में खासा ध्यान देने योग्य है।
2020 में पाकिस्तान ने एक संशोधित राजनीतिक नक्शा जारी किया था, जिसमें जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के कुछ हिस्से और गुजरात के जूनागढ़ व सर क्रीक जैसे क्षेत्रों पर दावा किया गया था। भारत ने इसे पूरी तरह खारिज कर दिया और इसे ‘राजनीतिक मूर्खता’ करार दिया।
चीन ने भी लगातार भारतीय क्षेत्र पर दावे किए हैं। अगस्त 2023 में बीजिंग ने अपना ‘स्टैंडर्ड मैप’ जारी किया, जिसमें अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चिन को अपना हिस्सा दिखाया। भारत ने इन दावों को लगातार अस्वीकार किया है और कहा है कि ऐसे कार्टोग्राफिक अभ्यास वास्तविक स्थिति नहीं बदलते।
यह नक्शा जारी होने का समय भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार फ्रेमवर्क के औपचारिक ऐलान के साथ मेल खाता है, जो महीनों की बातचीत के बाद टैरिफ तनाव के बीच हुआ।समझौते के तहत भारतीय सामानों पर अमेरिकी टैरिफ को 18 प्रतिशत तक घटाया जाएगा, जिससे भारतीय निर्यातकों को राहत मिलेगी। दोनों सरकारों ने कहा है कि वे फ्रेमवर्क को जल्द लागू करेंगे और पूर्ण द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की ओर बातचीत जारी रखेंगे।
अमेरिका भारत की मांग पर आगे टैरिफ कटौती की जांच भी करेगा। यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जैमिसन ग्रीर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा समझौते की घोषणा के बाद कहा कि यह समझौता टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को हटाएगा और 1.4 अरब से अधिक लोगों वाले भारत के बाजार तक पहुंच बढ़ाएगा।
ग्रीर ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की डीलमेकिंग अमेरिकी श्रमिकों और उत्पादकों के लिए दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक को खोल रही है। उन्होंने केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को भी श्रेय दिया, जिन्होंने निष्पक्ष और संतुलित व्यापार संबंध के लिए बातचीत का नेतृत्व किया।










