रायपुर । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर में सीआरपीएफ जवानों के साथ दीवाली मनाई। कोबरा ऑपरेशंस बेस पर दिए गए करीब 42 मिनट के भाषण में उन्होंने कहा कि हथियार वाले नक्सली अब खत्म हो चुके हैं, लेकिन अब दिमागी नक्सलियों से लड़ना होगा।
पीएम मोदी लगातार 13वीं बार जवानों के साथ दीवाली मनाने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि यह वही बस्तर है जहां कभी नक्सलवाद का आतंक था, लेकिन जवानों के बलिदान से अब यहां विकास की नई लहर शुरू हो गई है।
भाषण की मुख्य बातें
- हर जिला नक्सलवाद से मुक्त
पीएम ने कहा कि 2026 की दिवाली खास है क्योंकि 40-50 साल बाद पहली बार देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त हो गया है। करोड़ों लोगों ने नक्सलवाद का डर पीछे छोड़ दिया है। - एक साल में कोई सीआरपीएफ जवान शहीद नहीं
उन्होंने बताया कि पिछले एक साल में ड्यूटी के दौरान सीआरपीएफ के किसी भी जवान की जान नहीं गई। यह सुरक्षा बलों के शौर्य और सही नीतियों की जीत है। - पिछली सरकारों पर निशाना
पीएम ने कहा कि 2004 से 2013 तक हर साल नक्सलियों के मुकाबले ज्यादा जवान शहीद होते थे। उस समय की सरकारों ने नक्सलवाद को ऐसी बीमारी मान लिया था जिसका कोई इलाज नहीं है। - दिमागी नक्सलियों का खतरा
उन्होंने चेतावनी दी कि जंगलों से हथियारबंद नक्सलियों का सफाया हो गया है लेकिन कई संगठनों में दिमागी नक्सलियों ने जगह बना ली है। ये लोग संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ लोगों को भड़का रहे हैं। इनकी पहचान करनी होगी। - गरीबी घटने का जिक्र
वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए पीएम ने कहा कि पिछले 12 साल में 50 करोड़ लोग भीषण गरीबी से बाहर निकले हैं।
सुरक्षा और विकास पर जोर
पीएम ने कहा कि आंतरिक सुरक्षा मजबूत होने पर बाहरी दुश्मन सिर नहीं उठा पाते। सरकार ने नक्सलियों की फंडिंग पर चोट की, नकली नोटों के नेटवर्क को खत्म किया और हथियारों की सप्लाई रोक दी। इससे नक्सलियों की ताकत टूटी।
उन्होंने छत्तीसगढ़ में शहीद हुए 1000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों को नमन किया और कहा कि महलों में बैठे कुछ नेताओं की ओर से कभी दुख जताने की आवाज तक नहीं आई। पीएम ने जवानों से कहा, ‘आप सभी मेरे परिवार का हिस्सा हैं। आपके बलिदान की वजह से बस्तर अब नक्सलवाद से मुक्त है।’










