ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर (Gwalior) में एक नर्सिंग छात्रा पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने और चाकू से जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। शुक्रवार, 23 अक्टूबर को माधौगंज थाना क्षेत्र की तोमर कॉलोनी में हुए हमले में छात्रा के गले पर गंभीर चोट आई और चार टांके लगाने पड़े। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने अदनान खान और सरफराज खान को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि सोफी खान के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
तीन साल पहले हुई थी दोस्ती, निजी तस्वीरें वायरल करने की धमकी
शिवपुरी जिले के करैरा की रहने वाली छात्रा ग्वालियर में नर्सिंग की पढ़ाई कर रही है। करीब तीन साल पहले एक सहेली के जरिए उसकी मुलाकात अदनान से हुई थी। पीड़िता के मुताबिक, कुछ समय बाद युवक उस पर इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव बनाने लगा। मना करने पर मारपीट करता था और निजी फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देता था। छात्रा ने पहले भी पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था।
कमरे में घुसकर मारपीट, सबूत वाला मोबाइल तोड़ने का आरोप
शुक्रवार सुबह अदनान अपने ममेरे भाई सरफराज और बहन सोफी के साथ छात्रा के कमरे पर पहुंचा। शिकायत के मुताबिक, विवाद के दौरान अदनान ने सब्जी काटने वाला चाकू उठाकर उसके गले पर वार किया। छात्रा ने पीछे हटकर खुद को बचाने की कोशिश की। पीड़िता का आरोप है कि तीनों ने उसके बाल खींचे, गाली-गलौज की और मोबाइल फोन तोड़ दिया, जिसमें धमकियों से जुड़े सबूत मौजूद थे। उसकी छोटी भतीजी को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी गई।
पुरानी शिकायत के बावजूद हमला, पुलिस की कार्रवाई पर सवाल
माधौगंज थाना प्रभारी दिव्या तिवारी के मुताबिक, पुलिस मामले से जुड़े डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है। इस घटना ने पुरानी शिकायत के निपटारे पर सवाल खड़े किए हैं। जब छात्रा पहले ही धमकियों और मारपीट की शिकायत कर चुकी थी, तो उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए गए? क्या समझौते के बाद पुलिस ने दोबारा उसकी स्थिति जानने की कोशिश की? ऐसे मामलों में केवल समझौता करा देना पर्याप्त नहीं है, खासकर जब लगातार हिंसा की शिकायत हो।
हिंदू संगठनों ने थाने के बाहर किया प्रदर्शन
घटना के बाद सनातन सेना समेत हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने माधौगंज थाने के सामने प्रदर्शन किया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवती शुक्ला और संगठन मंत्री पंकज ठाकुर ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने केस में हल्की धाराएं लगाए जाने पर भी आपत्ति जताई। अब पुलिस की जांच में यह सामने आना बाकी है कि पहले मिली शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई थी और हमले में तीनों आरोपियों की क्या भूमिका रही।










