बुजुर्गों की जमा-पूंजी लूटने वाले ‘डिजिटल अरेस्ट’ गिरोह पर सरकार सख्त

January 14, 2026 9:24 PM
Brijmohan Agrawal

सांसद बृजमोहन अग्रवाल के सवाल के बाद 14.85 करोड़ की ठगी के मामले में कार्रवाई तेज, मनी लॉकफीचर पर जो

नई दिल्ली। देश में तेजी से बढ़ रहे ‘डिजिटल अरेस्ट’ (Digital Arrest) साइबर फ्रॉड मामलों को लेकर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। बुजुर्गों को निशाना बनाकर की जा रही करोड़ों की ठगी पर लोकसभा में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के उठाए गए सवाल के बाद केंद्र सरकार ने ठोस कदम उठाने का भरोसा दिया है।

सांसद अग्रवाल ने लोकसभा में बताया कि दक्षिण दिल्ली के ग्रेट कैलाश इलाके में रहने वाले एक बुजुर्ग दंपती को साइबर ठगों ने खुद को सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर मानसिक दबाव में रखा और उनसे 14 करोड़ 85 लाख रुपए की ठगी कर ली। ठगों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर पीड़ितों को लंबे समय तक संपर्क में रखा।

सरकार ने इस मामले में बैंकों और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि पीड़ितों को 15 दिनों के भीतर ठगी गई राशि वापस दिलाने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। साथ ही टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) और जांच एजेंसियों को साइबर ठगों पर कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि RBI की मॉनेटरी एडवाइजरी सर्विस (MAS) के तहत शुरू किए गए ‘मनी लॉक’ फीचर को अपनाकर नागरिक अपने बैंक खातों को साइबर अपराध से सुरक्षित कर सकते हैं। यह फीचर खाताधारकों को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करता है और संदिग्ध लेन-देन को रोकने में मददगार है।

सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान

डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी के बढ़ते मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने भी स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने देशभर में करीब 3,000 करोड़रुपए की साइबर ठगी पर चिंता जताते हुए अपराधियों से ‘लोहे के हाथों’ से निपटने के निर्देश दिए हैं।

केंद्र सरकार नागरिकों को साइबर ठगी से बचाने के लिए ‘Stop, Think, Act’ अभियान चला रही है। किसी भी संदिग्ध कॉल, वीडियो कॉल या ऑनलाइन लेन-देन की स्थिति में नागरिक तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं। अब तक इस हेल्पलाइन के जरिए 60,000 से अधिक मामलों में सहायता दी जा चुकी है।

सांसद अग्रवाल ने कहा कि बुजुर्गों की आर्थिक सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और डिजिटल ठगी के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी धमकी भरे कॉल या संदेश से डरें नहीं और तुरंत इसकी सूचना संबंधित एजेंसियों को दें।

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दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों का अनुभव है। 2022 से दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर के तौर पर काम किया है। इस दौरान स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन खबरें लिखीं। दैनिक भास्‍कर से पहले नवभारत, नईदुनिया, पत्रिका अखबार में 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

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