नई दिल्ली। पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) की अध्यक्षता में सोमवार के दिन पार्टी विधायकों की एक बड़ी बैठक लखनऊ में हुई। बैठक के बाद बंद कमरों में कोर कमेटी के साथ अखिलेश ने मंत्रणा की और 2027 के लिए अपनी रणनीति पर चर्चा की है।
पार्टी सूत्रों की माने तो अखिलेश, 2027 के चुनाव में अपनी जीत पक्की करने के लिए इस बार गैर मुस्लिम, गैर यादव उम्मीदवारों को तरजीह दी जाएगी। गैर राजपूत सवर्णों, गैर यादव पिछड़े और दलितों को तरजीह दी जाएगी।
अखिलेश को पूरा यकीन है कि कुछ भी हो जाए मगर सपा का एमवाई समीकरण कमजोर नहीं होगा। मुस्लिम यादव दावेदार होने से दूसरे सामाजिक समीकरण साधना आसान हो जाएगा।
अखिलेश की यह जुगत सपा पर लगाने वाले मुस्लिम-यादव ठप्पे को कमजोर करना है। मुस्लिम और यादव प्रत्याशियों की जगह दलित और सवर्ण उम्मीदवारों को ज्यादा संख्या में टिकट देकर दूसरे समाजों को साधा जा सकता है।
भाजपा के सामाजिक समीकरण से निपटने के लिए अखिलेश ने यह रणनीति तैयार की है।
सूत्रों ने यह भी बताया कि दस साल की सत्ता विरोधी लहर की वजह से भाजपा के कई मौजूदा विधायकों के टिकट कटने की आशंका है। भाजपा के बागी नेताओं को समायोजित करने के लिए भी अखिलेश को मुस्लिम और यादव समाज के दावेदारों का टिकट काटना पड़ेगा। सपा ने तय किया है कि चुनाव के बाद यादव समाज को अच्छे पदों पर समायोजित किया जाएगा।
मुस्लिमों की संभावित नाराजगी को दूर करने के लिए अखिलेश अभी से तैयारियां कर रहे हैं। इसके तहत संगठन में मुस्लिम समाज को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जा रही हैं।
हाल ही में अब्दुल मतीन सिद्दीकी को उत्तराखंड का अध्यक्ष बनाना और मोहम्मद जासमीर अंसारी को एक यादव एमएलसी के बदले विधानपरिषद का नेता बनाया जाना इसी कड़ी का हिस्सा है।
राज्यसभा के लिए सलीम शेरवानी को भेजना भी मुस्लिमों की नाराजगी की आशंका को खत्म करना है।
सरकार बनने पर मलाईदार पद का भरोसा
सपा के बड़े नेताओं द्वारा नीचे से लेकर ऊपर तक सरकार बनने पर मुस्लिम नेताओं को मलाईदार पदों पर बिठाने का भरोसा दिया जा रहा है।
पार्टी महासचिव शिवपाल यादव पहले ही कह चुके हैं कि 2027 में सरकार बनने के बाद आजम खान को प्रदेश का गृहमंत्री बनाया जाएगा।
अखिलेश की टिकट वितरण नीति कितना कारगर है यह आने वाले दिनों में पता चलेगा। यह भी देखने वाली बात है कि सपा के मुस्लिम-यादव अखिलेश के फैसले को किस तरह लेते हैं।








