नई दिल्ली। CPI(M) के राज्यसभा सांसद और राज्यसभा में पार्टी के नेता डॉ. जॉन ब्रिटास Dr. John Brittasने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखा है। ब्रिटास ने राष्ट्रपति से मामले में तत्काल संवैधानिक हस्तक्षेप की मांग की है।
अपने पत्र में सांसद ब्रिटास ने दिल्ली में SIR के दौरान मतदाताओं को जारी किए जा रहे नोटिस का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 33 लाख से अधिक दिल्ली के मतदाताओं को कथित तौर पर नोटिस मिले हैं, जिनमें नामों से जुड़ी विसंगतियों का हवाला दिया गया है। ब्रिटास ने यह भी कहा कि उनके परिवार के कुछ सदस्यों, जो नई दिल्ली में पंजीकृत मतदाता हैं, को भी ऐसे नोटिस मिले हैं। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, करीब 97 लाख मतदाताओं वाली ड्राफ्ट सूची में 33.13 लाख मतदाताओं को विसंगतियों के आधार पर नोटिस चिन्हित किए गए हैं।
जॉन ब्रिटास ने अपने पत्र में फॉर्म-6 में बदलाव, इलेक्ट्रॉनिक वोटर डेटा तक पहुंच और नियंत्रण, मतदाताओं के नाम हटाने से जुड़े फैसलों तथा SIR से संबंधित इलेक्ट्रॉनिक और प्रशासनिक ऑडिट ट्रेल को लेकर स्पष्टता की मांग की है। उन्होंने कहा कि पात्र मतदाताओं के नाम अंतिम रूप से हटने से पहले पर्याप्त सुरक्षा उपाय होने चाहिए।
पत्र में सांसद ने 24 अप्रैल 2026 को राज्यसभा में 73 सांसदों द्वारा दाखिल किए गए नोटिस का भी उल्लेख किया है, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की गई थी। उन्होंने राष्ट्रपति से संवैधानिक प्रक्रिया को आगे बढ़ने देने और संसद को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की अपील की।
राज्यसभा सांसद ने यह भी कहा कि यदि SIR का कोई हिस्सा वैधानिक अधिकार या संवैधानिक सुरक्षा उपायों के बिना किया गया पाया जाता है, तो केंद्र को सुप्रीम कोर्ट में उचित राहत की मांग करनी चाहिए। वहीं, चुनाव आयोग की ओर से कहा गया है कि SIR से जुड़े फैसले सभी चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से सर्वसम्मति से लिए गए हैं।










