लेंस डेस्क। अमेरिकी टेक कंपनी Oracle (US tech company Oracle) ने एक बार फिर कर्मचारियों को सुबह मेल भेजकर नौकरी से निकाल दिया है। 14 सितंबर 2026 को कई कर्मचारियों को करीब सुबह 6 बजे टर्मिनेशन लेटर मिला। कुछ लोग तो जाग भी नहीं पाए थे कि उन्हें पता चल गया कि उनका आज आखिरी दिन है। मार्च के बाद यह दूसरा बड़ा राउंड है। कंपनी AI पर निवेश बढ़ाते हुए लागत नियंत्रित करने की रणनीति अपना रही है।
कर्मचारियों के अनुसार, ईमेल आने से पहले ही सिस्टम का एक्सेस बंद कर दिया गया। सुबह 4 बजे के आसपास लॉगिन काम करना बंद हो गया। 5 बजे के करीब स्लैक अकाउंट डिसकनेक्ट हो गए। इसके बाद सुबह 6 बजे कंपनी का मेल आया।
मेल में साफ लिखा था: ‘आज आपका आखिरी वर्किंग डे है। कंपनी की मौजूदा जरूरतों पर विचार करने के बाद बड़े संगठनात्मक बदलाव के तहत आपकी भूमिका समाप्त करने का फैसला लिया गया है।’ कर्मचारियों से डॉक्यूमेंट साइन करने और निजी ईमेल पता देने को कहा गया। साथ ही बताया गया कि जल्द ही लैपटॉप और कंपनी सिस्टम की एक्सेस बंद हो जाएगी।
पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
31 मार्च 2026 को भी Oracle ने इसी तरह सुबह जल्दी मेल भेजकर हजारों लोगों को नौकरी से निकाला था। उस समय अनुमान लगाया गया था कि 20 से 30 हजार तक कर्मचारी प्रभावित हुए। मई 2026 में कंपनी की सालाना रिपोर्ट में बताया गया कि वित्त वर्ष के दौरान करीब 21,000 कर्मचारियों की कमी हुई। कर्मचारियों की संख्या लगभग 1,62,000 से घटकर 1,41,000 रह गई। ऑरेकल ने ये नहीं बताया है कि इस बार कंपनी ने कितने लोगों को नौकरी से निकाल दिया है. मई में कंपनी ने बताया था कि तब तक 21,000 लोगों को निकाला जा चुका था.
क्यों हो रही है छंटनी?
Oracle AI और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश कर रहा है। कंपनी ने इस साल के पहले तिमाही में ही 28.5 अरब डॉलर का पूंजीगत खर्च किया। वित्त वर्ष 2027 के लिए 90 से 95 अरब डॉलर खर्च का अनुमान है। एक तरफ कंपनी AI क्लाउड और डेटा सेंटर पर अरबों खर्च कर रही है, दूसरी तरफ पेरोल खर्च कम करने के लिए पारंपरिक विभागों में कटौती कर रही है। रीस्ट्रक्चरिंग प्लान की लागत बढ़ाकर करीब 2.8 अरब डॉलर कर दी गई है।
किन विभागों पर असर?
रिपोर्ट्स के अनुसार सेल्स, सपोर्ट, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और कुछ टेक्निकल टीमों पर असर पड़ रहा है। कंपनी पुराने काम समेटकर AI से जुड़े क्षेत्रों पर फोकस बढ़ा रही है। भारत में काम कर रहे कर्मचारियों में भी चिंता बढ़ गई है। हालांकि कंपनी ने भारत में प्रभावित कर्मचारियों की संख्या अभी तक आधिकारिक रूप से नहीं बताई है।











