कर्नाटक में बाल मजदूरी कर रहे 800 बच्चे छुड़ाए गए, अकेले बेंगलुरु शहर में 500 बच्चे

Bengaluru Child Labor Rescue : कर्नाटक पुलिस ने शनिवार को बाल मजदूरी के खिलाफ राज्यव्यापी विशेष अभियान चलाया। इस दौरान अकेले बेंगलुरु शहर में 503 बच्चों को मजदूरी से मुक्त कराया गया, जबकि पूरे राज्य में यह आंकड़ा 800 के करीब पहुंच गया। दुकान मालिकों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ कई मामले भी दर्ज किए गए हैं। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के निर्देश पर शुरू हुए इस अभियान में राज्यभर के 962 पुलिस थानों की टीमों ने हिस्सा लिया और कुल 16,951 प्रतिष्ठानों की जांच की। यह कदम तब उठाया गया जब मुख्यमंत्री ने कुछ समय पहले बेंगलुरु के एपीएमसी यार्ड के दौरे के दौरान खुद बच्चों को काम करते हुए देखा था।

बेंगलुरु में सबसे बड़ी कार्रवाई

बेंगलुरु शहर की बात करें तो यहां के 12 पुलिस डिवीजनों की टीमों ने मिलकर 5,897 स्थानों की जांच की। इस कार्रवाई में गोदाम, बाजार, होटल, लॉज, बेकरी, बस स्टॉप, रेलवे स्टेशन, अपार्टमेंट और निर्माण स्थल जैसी जगहें शामिल थीं। जांच टीमों में पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ श्रम विभाग के निरीक्षक भी मौजूद रहे। यह पूरा अभियान शहर के पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह के निर्देशन में चलाया गया, जिसका मकसद मजदूरी में लगे बच्चों की पहचान कर उन्हें तुरंत मुक्त कराना था।

बेंगलुरु के अलग-अलग डिवीजनों से मिले आंकड़ों के अनुसार:

  • पश्चिम डिवीजन: 84 बच्चे
  • पूर्व डिवीजन: 71 बच्चे
  • मध्य डिवीजन: 63 बच्चे
  • उत्तर डिवीजन: 62 बच्चे
  • दक्षिण डिवीजन: 54 बच्चे
  • उत्तरपूर्व डिवीजन: 55 बच्चे
  • सीसीबी: 45 बच्चे
  • व्हाइटफील्ड: 22 बच्चे
  • दक्षिण-पश्चिम डिवीजन: 17 बच्चे
  • उत्तर-पश्चिम डिवीजन: 14 बच्चे
  • दक्षिण-पूर्व डिवीजन: 13 बच्चे
  • इलेक्ट्रॉनिक सिटी: 3 बच्चे

इस तरह शहर भर में कुल मिलाकर 503 बच्चों को मजदूरी से मुक्त कराया गया। पुलिस ने बाल मजदूर (निषेध और विनियमन) अधिनियम तथा किशोर न्याय अधिनियम के तहत दुकानदारों और प्रतिष्ठान मालिकों के खिलाफ 18 मामले दर्ज किए हैं।

अन्य शहरों में भी चला अभियान

बेंगलुरु के अलावा राज्य के अन्य शहरों में भी बाल मजदूरों को मुक्त कराया गया। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक मैसूरु में 13, हुबली-धारवाड़ में 10, मंगलुरु में 3 और कलबुर्गी में 22 बच्चों को छुड़ाया गया।

ज्यादातर बच्चे दूसरे राज्यों से

उत्तर डिवीजन की डीसीपी नेमागौड़ा के अनुसार, बचाए गए अधिकतर बच्चे कर्नाटक से बाहर के राज्यों के रहने वाले हैं। पुलिस फिलहाल इन बच्चों से पूछताछ कर उनके परिवार और उन्हें यहां तक लाने वाले लोगों की जानकारी जुटा रही है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित प्रतिष्ठान मालिकों के खिलाफ बाल श्रम कानून के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यूनिसेफ के मुताबिक भारत में आज भी बाल मजदूरी के 18 लाख से ज्यादा मामले दर्ज हैं। कर्नाटक सरकार का यह अभियान इसी समस्या से निपटने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now