FDA पेपर लीक विवाद : आयोग सचिव के चेहरे पर पोती कालिख, 3 गिरफ्तार

लेंस डेस्क। महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) परीक्षा का पेपर लीक होने का मामला अब और गहराता जा रहा है। परीक्षा प्रणाली में धांधली और भ्रष्टाचार से नाराज छात्रों और युवा उम्मीदवारों का गुस्सा पूरे राज्य में देखा जा रहा है। इस बीच, नवी मुंबई स्थित MPSC कार्यालय में आयोग के सचिव महेंद्र हरपालकर के चेहरे पर काली स्याही पोतने की घटना सामने आई है, जिससे हड़कंप मच गया है।

उम्मीदवार MPSC के चेयरमैन विवेक भीमनवार और सचिव के इस्तीफे की मांग को लेकर पुणे, कोल्हापुर और छत्रपति संभाजीनगर जैसे प्रमुख शिक्षा केंद्रों में लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।

मिलने के बहाने घुसे, फिर पोती कालिख

पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना नवी मुंबई स्थित MPSC कार्यालय की है। संभाजी ब्रिगेड से जुड़े तीन कार्यकर्ताओं सुहास लक्ष्मण राणे (साकीनाका), योगेश शांतिलाल पाटिल (कल्याण) और श्रीकृष्ण उर्फ अन्नासाहेब आदिनाथ सावंत (अहिल्यानगर) ने सचिव महेंद्र हरपालकर से मुलाकात का समय लिया था।

उन्होंने अधिकारियों को बताया था कि उनके पास पेपर लीक से जुड़े कुछ अहम सबूत हैं जिन्हें वे फोन पर दिखाना चाहते हैं। मुलाकात के दौरान कार्यकर्ताओं ने सचिव को एक किताब भेंट करने और फोटो खिंचवाने का नाटक किया। इसी बीच, उन्होंने प्लास्टिक थैली से काला पाउडर निकाला और सचिव हरपालकर के सिर और चेहरे पर मल दिया और इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया।

पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा कड़ी

घटना के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों पर हमला करने, सरकारी काम में बाधा डालने और जानबूझकर चोट पहुंचाने जैसी सख्त धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। घटना के बाद MPSC दफ्तर की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी गई है।

संभाजी ब्रिगेड के राज्य प्रवक्ता संतोष शिंदे ने इस कदम का बचाव करते हुए कहा कि यह विरोध महाराष्ट्र के 25 लाख MPSC परीक्षार्थियों और आम जनता के गुस्से का प्रतीक है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

इस घटनाक्रम पर राज्य की राजनीति में भी गर्माहट देखने को मिल रही है और विभिन्न दलों के प्रमुख नेताओं की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक रोहित पवार ने परीक्षा में हुई धांधली को लेकर छात्रों के आक्रोश को स्वाभाविक तो बताया, लेकिन विरोध के इस हिंसक तरीके से खुद को अलग रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि MPSC में पेपर लीक से छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है पर विरोध केवल संवैधानिक और शांतिपूर्ण दायरे में ही होना चाहिए; कालिख पोतने या हिंसा जैसी हरकतों का समर्थन नहीं किया जा सकता।

वहीं, कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने सरकार को आगाह करते हुए कहा कि हालांकि कानून अपने हाथ में लेना गलत है, लेकिन यह घटना राज्य के लाखों छात्रों और अभिभावकों के भीतर पनप रहे गहरे असंतोष का प्रत्यक्ष परिणाम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को इस जन आक्रोश को नजरअंदाज करने के बजाय स्थिति की गंभीरता को समझना चाहिए और त्वरित एवं ठोस कदम उठाकर छात्रों की मांगों का समाधान करना चाहिए, ताकि जनता का यह गुस्सा और उग्र रूप न ले।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now