रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के बस्तर और नक्सलवाद को लेकर कांग्रेस पर लगाए आरोपों पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव श्री बघेल ने बुधवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि अमित शाह का बयान ‘सिर्फ झूठ का पुलिंदा’ है और छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार ने उन्हें गलत आंकड़े देकर गुमराह किया है।
भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस नक्सलवाद खत्म होने की घोषणा का स्वागत करती है, लेकिन केंद्रीय क्षेत्रीय परिषद की बैठक में अमित शाह द्वारा कही गई कई बातें तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। उन्होंने कहा कि 2018 से 2023 के बीच कांग्रेस सरकार ने बस्तर में नक्सल उन्मूलन की दिशा में ठोस काम किए, जिनकी वजह से वर्तमान सरकार अभियान चलाने में सफल हो पाई।
उन्होंने याद दिलाया कि 2022 में खुद अमित शाह ने कहा था कि वामपंथी उग्रवाद छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों तक सीमित रह गया है और नक्सली घटनाओं में भारी कमी आई है।
भूपेश बघेल ने कहा कि अगर अमित शाह अपना पुराना बयान ही याद कर लेते तो उन्हें सच समझ में आ जाता।
रमन सरकार में 4 सौ स्कूल बंद हुए, कांग्रेस सरकार ने 275 स्कूल खोला
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने यह नहीं बताया कि कांग्रेस शासनकाल में कोंडागांव जिला और बस्तर के 600 गांव नक्सल मुक्त घोषित किए जा चुके थे। उन्होंने कहा कि भाजपा शासनकाल में 400 स्कूल बंद हुए थे, जबकि कांग्रेस सरकार ने 275 स्कूल दोबारा शुरू कराए।
भूपेश बघेल ने यह भी कहा कि साय सरकार राज्य में 10,463 स्कूल बंद करने जा रही है, जिनमें 1,163 स्कूल बस्तर संभाग के हैं। उन्होंने अमित शाह के उस बयान को भी गलत बताया जिसमें कहा गया था कि बस्तर के लोगों को राशन नहीं मिलता था।
उन्होंने आंकड़े देते हुए कहा कि 2023 के अंत तक बस्तर संभाग के सात जिलों में 1,538 राशन दुकानें संचालित थीं और हर महीने 21,200 मीट्रिक टन चावल वितरित किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि अंत्योदय अन्न योजना के तहत प्रति परिवार 35 किलो चावल पहले से दिया जा रहा था।
भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पांच वर्षों में 4.57 लाख व्यक्तिगत वनाधिकार पट्टे और 46 हजार सामुदायिक वनाधिकार पट्टे वितरित किए। उन्होंने भाजपा के 15 साल के शासनकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि उस दौरान फर्जी मुठभेड़, आदिवासियों पर अत्याचार और गांव खाली करवाने जैसी घटनाएं हुईं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस भी चाहती है कि बस्तर से नक्सली समस्या पूरी तरह खत्म हो, लेकिन अमित शाह को यह दिखाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए कि बस्तर को अंधेरे से बाहर निकालने का काम सिर्फ अब हुआ है।
बस्तर में विफल हो चुकी है गाय और भैंस देने की योजना
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने अमित शाह द्वारा बस्तर में हर आदिवासी परिवार को गाय और भैंस देने की योजना पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा की रमन सिंह सरकार भी ऐसी योजना ला चुकी है, लेकिन उस समय बीमार और बिना दूध देने वाली गायें बांटने का आरोप लगा था और योजना विफल हो गई थी।
उन्होंने कहा कि अमित शाह जी, बस्तर में अपनी ही पार्टी के मुख्यमंत्रियों के बीच अपनी वाहवाही कर गए हैं, और हर आदिवासी परिवार को एक गाय और एक भैंस देने की एक योजना की घोषणा कर गए हैं।
डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि अमित शाह ने गुजरात के आनंद के दुनिया के सबसे सफल सहकारी दुग्ध संगठन की तर्ज पर बस्तर में मिल्क नेटवर्क खड़ा करने की बात भी कही है। यह भी कहा है कि छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा गुजरात जाकर डेयरी देख आए हैं।
डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि 70 बरसों के लिए कांग्रेस सरकारों को गाली देने वाले अमित शाह के मुंह से आनंद के सहकारी प्रयोग की तारीफ इसलिए अच्छा लगता है कि यह पूरी तरह से कांग्रेस सरकार के समय की कामयाबी है, नेहरू और इंदिरा गांधी ने जिस तरह डॉ. वर्गीज कुरियन को आनंद भेजकर इस अविश्वसनीय विकास का रास्ता खोला था, उसी की वजह है कि आनंद ने एक विश्व इतिहास बनाया। यह अच्छी बात है अगर डॉ. कुरियन के खड़े किए हुए सहकारिता के प्रयोग से अमित शाह कुछ सीख रहे हैं, और उनका या नेहरू जी, इंदिरा जी का नाम लिए बिना भी दूध के नेटवर्क की बात कर रहे हैं। अमूल की पिछली पौन सदी की मेहनत से मिली कामयाबी आज बाकी देश के सामने एक बड़ी मिसाल तो है ही
पत्रकार वार्ता में पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा, अमितेश शुक्ला, अनिला भेड़िया समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और विधायक मौजूद रहे।







