रायपुर। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा गांव में करीब 5 एकड़ क्षेत्र में अफीम की अवैध खेती (Afeem ki Kheti) पकड़े जाने के मामले में निलंबित की गई ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू को दुर्ग कमिश्नर ने बहाल कर दिया है। संयुक्त संचालक कृषि, दुर्ग संभाग ने आदेश जारी करते हुए उन्हें वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी धमधा के अधीन पदस्थ किया है।
ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू के निलंबन के बाद छत्तीसगढ़ कृषि स्नातक शासकीय कृषि अधिकारी संघ ने आंदोलन शुरू कर दिया था। संघ ने कार्रवाई को अनुचित बताते हुए निलंबन वापस लेने की मांग की थी।
मांग पूरी नहीं होने पर 23 मार्च से कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे और हिंदी भवन के सामने धरना दे रहे थे। अब बहाली आदेश जारी होने के बाद 3 अप्रैल को कर्मचारी काम पर लौट आए।
दरअसल, समोदा गांव में मक्के की फसल की आड़ में करीब 5.20 एकड़ जमीन पर अफीम की अवैध खेती सामने आई थी। जांच में संबंधित खेत को मक्का की फसल वाला दर्शाने और वास्तविक स्थिति की पहचान नहीं कर पाने को लेकर लापरवाही मानते हुए 13 मार्च को उप संचालक कृषि, दुर्ग ने एकता साहू को निलंबित कर दिया था।
निलंबन आदेश के खिलाफ एकता साहू ने संयुक्त संचालक कृषि, दुर्ग संभाग के समक्ष अपील प्रस्तुत की थी। इसके साथ ही 16 मार्च 2026 को दुर्ग संभागायुक्त के समक्ष भी निलंबन वापस लेने के लिए सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का अनुरोध किया गया।
इस मामले में 23 मार्च को उप संचालक कृषि और अपीलार्थी दोनों पक्षों के लिखित तर्क सुने गए। चर्चा के बाद संभागायुक्त ने यह कहते हुए बहाली के निर्देश दिए कि विभागीय जांच का अंतिम निर्णय कलेक्टर स्तर पर लंबित है। इसके बाद संयुक्त संचालक कृषि ने पुनः पदस्थापना का आदेश जारी कर दिया।
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