CG NEWS: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अवैध अफीम की खेती के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। तमनार क्षेत्र में दो दिन पहले पकड़े गए मामले के बाद अब लैलूंगा थाना क्षेत्र के घाटगांव में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। यहां साधराम नागवंशी के खेत में लगभग 15-50 डिसमिल जमीन पर अफीम के पौधे उगाए जा रहे थे। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर खेत को घेर लिया और फसल नष्ट करने की कार्रवाई शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में जगतराम नाग और मनोज नाग को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य आरोपी साधराम नाग फरार है।
पूछताछ में पता चला कि आरोपी पत्थलगांव के एक व्यापारी से बीज लेकर यह खेती कर रहे थे। यह रायगढ़ में दो दिनों के अंदर दूसरा और पिछले 20 दिनों में प्रदेश का पांचवां मामला है। इससे पहले दुर्ग, बलरामपुर और तमनार में भी ऐसी ही खेती पकड़ी गई थी, जिसमें बड़े पैमाने पर फसलें नष्ट की गईं। ये घटनाएं कानून-व्यवस्था और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। कयास लगाए जा रहें हैं कि यह संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है जिसमें स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों की मिलीभगत शामिल है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा कि ‘सुशासन के अफीम स्टार्टअप की नई ब्रांच अब लैलूंगा में पाई गई है’ उन्होंने पहले भी आरोप लगाया था कि ऐसे मामलों में मनी लॉन्ड्रिंग का एंगल है और सरकार को इसे ED को सौंपना चाहिए। पुलिस ने जांच तेज कर दी है और आसपास के इलाकों में सघन छापेमारी शुरू की है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत सूचना दें। लगातार सामने आ रहे ये मामले साफ करते हैं कि अवैध अफीम खेती का नेटवर्क गहरा रहा है, जिसे रोकने के लिए और सख्त कदम उठाने की जरूरत है।









