रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री को लाने के लिए राज्य सरकार की ओर से सरकारी विमान भेजने पर तीखी आपत्ति जताई है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्लाने इसे जनता के पैसे की बर्बादी और राज्य खजाने पर डकैती करार दिया है।
शुक्ला ने सवाल उठाया कि धीरेंद्र शास्त्री किसी संवैधानिक पद पर नहीं हैं, फिर उन्हें सरकारी विमान की सुविधा क्यों दी गई? उन्होंने सरकार से स्पष्टीकरण की मांग की है।
उन्होंने आगे कहा कि धीरेंद्र शास्त्री किसी मान्यता प्राप्त धार्मिक पीठ के प्रमुख या सनातन धर्म के आचार्य नहीं हैं। वे केवल कथावाचक हैं और उनका व्यवहार देश की गंगा-जमुनी तहजीब के खिलाफ है। हिंदू धर्म एकता और प्रेम का संदेश देता है, जबकि वे समाज में विद्वेष फैलाने का काम करते हैं।
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पवनपुत्र हनुमान प्रेम, सहिष्णुता और क्षमा के प्रतीक हैं। लेकिन धीरेंद्र शास्त्री हनुमान जी की कथा सुनाकर अपनी आजीविका चलाते हैं, जबकि खुद सहिष्णुता नहीं सीख पाए। उन्होंने तंज कसा कि हनुमान जी ने पाखंड का नाश किया था, इसलिए उनके नाम पर पाखंड ज्यादा दिन नहीं टिक सकता।
यह विवाद तब से गहरा गया है जब धीरेंद्र शास्त्री भिलाई में हनुमंत कथा के लिए आए हैं और सोशल मीडिया पर पुलिस अधिकारी द्वारा उनके पैर छूने का वीडियो वायरल हो रहा है।
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