दीपक बैज ने पोस्ट में लिखा “मंत्री केदार कश्यप अब हो चुकें हैं बेनकाब”

DEEPAK BAIJ: छत्तीसगढ़ के वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप पर जगदलपुर सर्किट हाउस में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी खितेंद्र पांडे के साथ मारपीट और गाली-गलौज का गंभीर आरोप लगा है। खितेंद्र ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने दावा किया कि शनिवार शाम को मंत्री ने कमरे का ताला देर से खोलने पर गुस्से में उनकी मां-बहन को गाली दी, जूतों से पिटाई की और कॉलर पकड़कर कमरे में घसीटकर मारा। खितेंद्र, जो लकवाग्रस्त भी हैं, ने अपनी शिकायत में कहा कि सत्ताधारी नेताओं द्वारा कर्मचारियों के साथ ऐसा दुर्व्यवहार आम है, लेकिन इस बार हद हो गई। उन्होंने मंत्री के खिलाफ एफआईआर की मांग की है।

इस घटना ने छत्तीसगढ़ की सियासत में हलचल मचा दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने एक्स पर पोस्ट कर इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया दी और कश्यप के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने लिखा, “ग़ज़ब है मंत्री जी… पहले आप एक गरीब कर्मचारी को गाली देकर और जूतों से मारते हैं, फिर आरोपों को झूठा बताते हैं, और अब सर्किट हाउस में खितेंद्र और उनके परिवार को बुलाकर माफी मांगने या धमकाने की कोशिश करते हैं। सत्ता का नशा आपके सिर चढ़कर बोल रहा है।” पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी बीजेपी से सार्वजनिक माफी और कश्यप के इस्तीफे की मांग की, तंज कसते हुए कहा, “क्या केवल प्रधानमंत्री की मां ही मां हैं?”

केदार कश्यप ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे कांग्रेस का “भ्रामक प्रचार” करार दिया और कहा कि कार्यकर्ताओं का अपमान उनके लिए असहनीय है। हालांकि खितेंद्र के दावों की पुष्टि कुछ गवाहों ने भी की है। जगदलपुर कोतवाली में शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है लेकिन अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई। इस बीच बीजेपी नेता टंकराम वर्मा ने कश्यप का बचाव करते हुए इसे कांग्रेस की साजिश बताया। यह मामला सियासी रंग ले चुका है और इसके तूल पकड़ने की संभावना है।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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