रायपुर। मध्य क्षेत्र परिषद की बैठक के लिए छत्तीसगढ़ आ रहे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सवाल किए हैं। दीपक बैज ने पूछा है कि मध्य क्षेत्र परिषद की बैठक को वर्चुअल माध्यम से क्यों आयोजित नहीं की गई।
दीपक बैज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद देशवासियों से पेट्रोल-डीजल बचाने और वर्क फ्रॉम होम करने की अपील कर रहे हैं, लेकिन उनकी ही सरकार के मंत्री और मुख्यमंत्री इस सलाह का पालन नहीं कर रहे।
दीपक बैज ने कहा कि मध्य क्षेत्र परिषद की बैठक के लिए केंद्रीय गृहमंत्री, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और अधिकारी विशेष विमानों से बस्तर पहुंचेंगे, जिससे लाखों रुपये का खर्च और भारी मात्रा में ईंधन की खपत होगी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सभी राज्यों के सचिवालय और गृह मंत्रालय के पास वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा उपलब्ध है, तो बैठक ऑनलाइन क्यों नहीं की गई।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि बस्तर में बैठक आयोजित करना ‘राजनीतिक प्रोपोगेंडा’ है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार लगातार दावा कर रही है कि बस्तर में नक्सलवाद समाप्त हो चुका है, जबकि हाल ही में कांकेर में चार जवान शहीद हुए हैं। ऐसे समय में बस्तर में बैठक आयोजित करना जमीनी हकीकत से अलग तस्वीर पेश करने की कोशिश है।
दीपक बैज ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार बस्तर में बड़े कॉर्पोरेट हितों को बढ़ावा देने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि बैठक के जरिए यह संदेश देने की कोशिश हो रही है कि क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित और निवेश के लिए तैयार है।
उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल किया कि क्या केंद्रीय गृहमंत्री बस्तर के लिए कोई विशेष पैकेज लेकर आ रहे हैं। कांग्रेस ने मांग की कि बस्तर के विकास, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 50 हजार करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की घोषणा की जाए। साथ ही नक्सल मुक्त पंचायतों को एक-एक करोड़ रुपये देने की मांग भी उठाई गई।
पेट्रोल-डीजल संकट और बढ़ती महंगाई को लेकर भी कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा। दीपक बैज ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील के बाद देशभर में पेट्रोल-डीजल की कमी की आशंका बढ़ी और कई जगहों पर लोग पेट्रोल पंपों के बाहर कतारों में खड़े दिखाई दिए। उन्होंने दावा किया कि कई पेट्रोल पंप सूख चुके हैं और बस्तर क्षेत्र में भी ईंधन संकट की स्थिति बनी हुई है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तीन रुपये से अधिक की बढ़ोतरी की है, जिससे खाद्य सामग्री और सब्जियों के दाम भी बढ़ गए हैं। दीपक बैज ने कहा कि केंद्र सरकार को इस स्थिति पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।









