भारत ने मानवीय आधार पर पाकिस्तानी विमान को दी भारतीय हवाई क्षेत्र में उड़ान की इजाजत

December 2, 2025 1:27 PM
Cyclone Ditwah

नई दिल्ली। Cyclone Ditwah से तबाही झेल रहे श्रीलंका के लिए राहत सामग्री ले जा रहे पाकिस्तानी विमान को भारत ने अपने हवाई क्षेत्र से गुजरने की तुरंत मंजूरी दे दी। पाकिस्तान ने सोमवार दोपहर करीब 1 बजे अनुरोध किया था और महज 4 घंटे के अंदर शाम 5:30 बजे तक मंजूरी दे दी गई। सरकार ने इसे पूरी तरह मानवीय कदम बताया है।

पाकिस्तानी मीडिया के दावों को भारत ने खारिज किया

पाकिस्तानी मीडिया में खबर चल रही थी कि भारत ने ओवरफ्लाइट की इजाजत देने से इनकार कर दिया है। भारतीय अधिकारियों ने इन खबरों को पूरी तरह गलत और भ्रम फैलाने वाला बताया। उन्होंने साफ किया कि श्रीलंका को मदद पहुंचाने के मकसद को देखते हुए तुरंत अनुमति दी गई, भले ही पाकिस्तान ने अभी तक भारतीय विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र नहीं खोला हो।

पहलगाम हमले के बाद बंद हुआ था दोनों देशों का हवाई क्षेत्र

22 अप्रैल 2025 को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव बढ़ गया था। पहले पाकिस्तान ने 24 अप्रैल को भारतीय विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद किया। इसके जवाब में भारत ने 30 अप्रैल 2025 से पाकिस्तान के पंजीकृत सभी विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया था। उससे पहले रोजाना 100-150 भारतीय विमान पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करते थे।

श्रीलंका में दितवाह तूफान से भारी तबाही, भारत ने भेजी बड़ी मदद

चक्रवात दितवाह ने श्रीलंका में भयंकर तबाही मचाई है। अब तक 334 लोगों की मौत हो चुकी है, 370 लापता हैं और 11 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। करीब 2 लाख लोग घर छोड़कर राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। भारत ने ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत अब तक 53 टन राहत सामग्री भेजी है, जिसमें टेंट, कंबल, दवाएं, खाना, मेडिकल टीम और NDRF के 80 जवानों की टीम शामिल है। भारतीय नौसेना के जहाज और वायुसेना के विमान लगातार मदद पहुंचा रहे हैं।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 5 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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