नई दिल्ली। पंजाब में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान पूर्व राजदूत नवदीप सूरी को चुनाव अधिकारियों की ओर से नोटिस जारी किया गया और दस्तावेज पेश करने को कहा गया।पूर्व राजनयिक नवदीप सूरी ने रविवार को पंजाब में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान नागरिकता साबित करने की प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई।सूरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर SIR प्रक्रिया के अनुभव साझा किए।
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर एक पूर्व राजदूत को ही इस प्रक्रिया में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है तो आम नागरिकों की स्थिति क्या होगी। उन्होंने बताया कि 2003 की मतदाता सूची में उनकी डिटेल्स में कुछ गड़बड़ियां पाए जाने के बाद चुनाव आयोग की तरफ से उन्हें नोटिस जारी किया गया और दस्तावेज पेश करने को कहा गया।
आम नागरिकों के SIR को लेकर चिंतित सूरी
सूरी ने लिखा, “मेरे पास वोटर आईडी और आधार कार्ड के अलावा भी दूसरे दस्तावेज हैं। लेकिन मैं यह पूछने से खुद को नहीं रोक सकता कि अगर तीन देशों में भारत का प्रतिनिधित्व करने के बाद भी मुझे अपनी नागरिकता साबित करने में परेशानी हो रही है तो आम नागरिकों का क्या होगा? शायद यही ‘ईज ऑफ लिविंग’ है!”
मुझसे मेरा पासपोर्ट मांगा गया
उन्होंने स्थानीय चुनाव अधिकारियों के साथ हुई बातचीत का ब्योरा भी साझा किया। सूरी ने बताया, “मैंने BLO से बात की। उन्होंने कहा कि मुझे नोटिस लेने के लिए आना होगा और फिर दोबारा ऐसे दस्तावेज लेकर आना होगा जिनसे यह साबित हो कि मैं भारतीय नागरिक हूं। मैंने बताया कि मैं 2003 में भारत में नहीं था, इसलिए उन्होंने सबूत के तौर पर पासपोर्ट मांगा है। 2026 में अपलोड किए गए दस्तावेज 2003 के मेरे विवरण से मेल नहीं खा रहे हैं। यह अजीब है क्योंकि 2003 में मैं लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग में तैनात था और मैंने SIR में हिस्सा ही नहीं लिया था।”
पांच देशों में राजनयिक सेवाएं
नवदीप सूरी ने काहिरा, दमिश्क, वाशिंगटन, दार-एस-सलाम और लंदन स्थित भारत के राजनयिक मिशनों में सेवाएं दी हैं। वह जोहान्सबर्ग में भारत के महावाणिज्य दूत भी रहे। इसके अलावा उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में भारत के उच्चायुक्त और मिस्र व संयुक्त अरब अमीरात में भारत के राजदूत के रूप में भी काम किया। उनकी सेवाओं के सम्मान में UAE के राष्ट्रपति ने उन्हें देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ जायद II’ से सम्मानित किया था।
इस बीच, पंजाब की मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) अनिंदिता मित्रा ने कहा कि सूरी का नाम कभी भी मतदाता सूची से हटाया नहीं गया था। उन्होंने कहा, “पूर्व राजनयिक नवदीप सूरी का नाम 13 अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल है। उनका नाम कभी हटाया नहीं गया। उनका वोट अमृतसर में रजिस्टर्ड है और अब भी वहीं दर्ज है।
उन्हें नोटिस इसलिए दिया गया था क्योंकि 2003 के SIR के दौरान उनकी डिटेल्स मैप नहीं हुई थी और उनसे कुछ दस्तावेज जमा करने को कहा गया था। दस्तावेज मिलने के बाद उनका नाम मतदाता सूची में पब्लिश कर दिया गया।







