नई दिल्ली। बेरोजगारी, परीक्षा घोटालों, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं को लेकर उभर रहे युवा विरोध प्रदर्शनों के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन को लेकर समर्थन की आवाजें भी सामने आने लगी हैं।
भाकपा (माले) रेड स्टार की पार्टी केंद्र ने बयान जारी कर कॉकरोज जनता पार्टी के आंदोलन को समर्थन देते हुए विद्यार्थियों और युवाओं के संगठन बनाने, विरोध दर्ज करने और अपनी बात रखने के लोकतांत्रिक अधिकार की रक्षा की मांग की है।
बयान में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर शुरू हुआ CJP अभियान अब सड़कों तक पहुंच चुका है। 6 जून को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में शिक्षा व्यवस्था, कथित परीक्षा घोटालों, पेपर लीक मामलों, बेरोजगारी और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से उठाए गए।
बयान में कहा गया कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और युवाओं के रोजगार से जुड़े सवालों को लेकर आंदोलन चलाया जा रहा है। समर्थकों का कहना है कि लाखों छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
हालांकि बयान में यह भी कहा गया कि फिलहाल CJP की वैचारिक दिशा या राजनीतिक आधार का मूल्यांकन करने का समय नहीं है। संगठन की वास्तविक प्रासंगिकता इस बात से तय होगी कि वह सोशल मीडिया की लोकप्रियता को जमीनी जनसंगठन और जनआंदोलन में कितनी प्रभावी तरह बदल पाता है।
समर्थन जताने वाले समूहों ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में युवाओं को शांतिपूर्ण विरोध, संगठन निर्माण और अपनी आवाज उठाने का अधिकार है। उन्होंने विभिन्न राजनीतिक और वैचारिक मतभेदों से ऊपर उठकर छात्रों और युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
CJP का आंदोलन ऐसे समय में चर्चा में आया है, जब देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं, पेपर लीक और रोजगार के मुद्दों को लेकर युवाओं में नाराजगी देखने को मिल रही है। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि यह अभियान सोशल मीडिया से आगे बढ़कर किस हद तक व्यापक जनसमर्थन हासिल कर पाता है।
यह भी पढ़ें: कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन पर नामचीन पत्रकारों की खामोशी









