किन सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ते हैं NEET पेपर लीक के मास्टरमाइंड के बच्चे?

नई दिल्ली। राजस्थान में NEET पेपर लीक घोटाला अब पूरे अपराध थ्रिलर की शक्ल लेता जा रहा है। हर नई खुलासे के साथ शिक्षा माफिया का एक और परत सामने आ रहा है, जो देश के मेडिकल एडमिशन सिस्टम में गहराई तक घुसा हुआ लगता है।अब जांच पंडित नवल किशोर शर्मा सरकारी मेडिकल कॉलेज, दौसा के गलियारों तक पहुंच गई है।

ताजा ट्विस्ट के केंद्र में एक युवा MBBS छात्रा है, जो अचानक कैंपस से गायब हो गई है।प्रगति बिवाल, पहली वर्ष की MBBS छात्रा और गिरफ्तार NEET पेपर लीक आरोपी मंगीलाल बिवाल की बेटी है। CBI ने परिवार पर सख्ती बढ़ाई तो ऊसके तुरंत बाद कॉलेज से लापता हो गई है।

कहां गई प्रगति बिस्वाल

सूत्रों के अनुसार, प्रगति ने चुपचाप लीव एप्लीकेशन जमा की और अपने पिता मंगीलाल बिवाल तथा चाचा दिनेश बिवाल की गिरफ्तारी के तुरंत बाद कैंपस छोड़ दिया। दोनों पेपर लीक घोटाले के मुख्य किरदार माने जाते हैं।पिछले दो दिनों से प्रगति क्लास में नहीं पहुंची है और उसकी अचानक गायब होने की घटना अकादमिक गलियारों और जांच एजेंसियों में तीखी चर्चा का विषय बन गई है।परिवार के सदस्य दावा करते हैं कि उसने मेरिट और मेहनत से एडमिशन लिया, लेकिन उसके जाने का समय कई असहज सवाल खड़े कर रहा है।

कहां कहां पढ़ते हैं बिस्वाल के बच्चे

जांचकर्ताओं का ध्यान खासतौर पर परिवार में मेडिकल एडमिशन की असाधारण संख्या ने खींचा है।CBI अब बिवाल परिवार के कई सदस्यों के अकादमिक रिकॉर्ड और एडमिशन इतिहास की जांच कर रही है, ताकि यह पता चल सके कि कहीं कथित NEET पेपर लीक नेटवर्क का इस्तेमाल प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में सीटें हासिल करने के लिए तो नहीं किया गया।सूची चौंकाने वाली है:

  • प्रगति बिवाल — दौसा में MBBS
  • उनका भाई विकास — सवाई माधोपुर मेडिकल कॉलेज
  • चचेरी बहन संजिया — SMS मेडिकल कॉलेज, जयपुर
  • एक और चचेरी बहन पलक — मुंबई में मेडिकल
  • परिवार की एक और सदस्य गुंजन — BHU में मेडिसिन
    जांचकर्ता अब यह तय करने की कोशिश कर रहे हैं कि एक परिवार में मेडिकल एडमिशन का यह घनत्व सिर्फ असाधारण शैक्षणिक सफलता है या कहीं ज्यादा गंभीर कुछ और।इस बीच CBI ने जामवारामगढ़, जयपुर में परिवार की संपत्तियों पर सर्च तेज कर दी है।

मां पत्नी से घंटों पूछताछ

गुरुवार को आरोपी भाइयों मंगीलाल और दिनेश बिवाल के खातीख मोहल्ला स्थित घर पर छापेमारी की गई।सूत्र बताते हैं कि ऑपरेशन के दौरान कोई पुरुष परिवार सदस्य मौजूद नहीं था, जिसके चलते एजेंसी ने घर की महिलाओं आरोपी की मां और पत्नियों से कई घंटे पूछताछ की।

दिनेश का बेटा भी फरार

एजेंसी ने पास के फार्महाउस की भी तलाशी ली, परिसर में खड़ी लग्जरी गाड़ियों की जांच की और रैकेट से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए।जांच अब राजस्थान से बाहर भी फैल गई है, महाराष्ट्र में पहले ही गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। अब तक NEET पेपर लीक मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि पांच आरोपी (दिनेश बिवाल, मंगीलाल बिवाल और विकास समेत) को 7 दिन की CBI हिरासत में भेजा गया है।CBI दिनेश बिवाल के बेटे ऋषि की भी तलाश कर रही है, जो इस साल का NEET अभ्यर्थी है और फरार बताए जा रहे हैं।

घोटाले की जांच का हुआ विस्तार

जांच के विस्तार के साथ जांचकर्ताओं को शक है कि घोटाला शुरू में जितना समझा गया था, उससे कहीं बड़ा है और इसमें एक सुसंगठित नेटवर्क शामिल हो सकता है, जो भारत की सबसे प्रतिस्पर्धी प्रवेश परीक्षाओं में से एक को हेरफेर कर रहा है।एक MBBS छात्रा का अपने कॉलेज कैंपस से रहस्यमयी तरीके से “गायब” होना, ठीक उसी समय जब जांच उसके परिवार पर सिकंजा कस रही है । NEET पेपर लीक मामले ने एक और नाटकीय मोड़ ले लिया है, जो राजस्थान के हाल के इतिहास का सबसे बड़ा शिक्षा घोटाला उजागर कर सकता है।

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