नेशनल ब्यूरो। नई दिल्ली
संसद में कुल 130 लोकसभा सांसदों और 63 राज्यसभा सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं। शुक्रवार को विपक्ष ने दोनों सदनों में नोटिस पेश कर दिया है। दोनों सदनों में नोटिस दिया गया है। टीएमसी के नेतृत्व में शुरू हुए इस अभियान को कांग्रेस, सपा और AAP का समर्थन मिला है।
नियमों के अनुसार, लोकसभा में मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए नोटिस पर कम से कम 100 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी हैं, जबकि राज्यसभा में यह संख्या 50 है। सूत्रों के मुताबिक, इस नोटिस पर INDIA गठबंधन की सभी पार्टियों के सदस्यों ने हस्ताक्षर किए हैं। एक अन्य सूत्र ने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) के सांसदों ने भी हस्ताक्षर किए हैं, भले ही वह अब आधिकारिक रूप से गठबंधन का हिस्सा नहीं है।
यह पहली बार है जब मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए ऐसा नोटिस दिया गया है।एक उच्च स्तरीय सूत्र के अनुसार, नोटिस में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सात आरोप लगाए गए हैं, जिनमें “कार्यालय में पक्षपाती और भेदभावपूर्ण आचरण” से लेकर “चुनावी धांधली की जांच में जानबूझकर बाधा डालना” और “बड़े पैमाने पर मतदाता वंचित करना” शामिल हैं।
ये आरोप विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) में कथित अनियमितताओं से जुड़े हैं। यह कदम असम, बंगाल कई राज्यों में महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों से ठीक पहले उठाया गया है।








